एलजी वीके सक्सेना ने मंगलवार को दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट (कचरा भराव स्थल) का दौरा किया। पिछले तीन महीने में तीनों साइट से 12.5 लाख टन लेगेसी वेस्ट का निस्तारण किया गया। महज सात महीने में भलस्वा, गाजीपुर और ओखला में कचरे के टीले की ऊंचाई 15 मीटर कम हुई है। एलजी ने दिल्ली की तीनों साइट पर विरासत अपशिष्ट निष्तारण की समीक्षा के बाद निस्तारण में यह तेजी आई है।
एलजी की पहल पर केंद्र सरकार, औद्योगिक इकाइयों सहित दूसरी एजेंसियों के सहयोग से कचरे का निस्तारण किया जा रहा है। कचरे के तीनों टीलों को समतल करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। 16 फरवरी को एनजीटी के निर्देश पर एलजी की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति की देखरेख में कचरे की समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास और तेज हुए हैं। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंगलवार को तीनों लैंडफिल साइट का दौरा कर अपशिष्ट उपचार और निपटान की समीक्षा की। जैव-उपचार और ठोस कचरे के निपटान में पिछले महीनों के दौरान लगातार तेजी आई है।
दिल्ली के मुख्य सचिव, एमसीडी आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी भी एलजी के साथ मौजूद रहे। उन्होंने इस दौरान भलस्वा झील का भी निरीक्षण किया। उपराज्यपाल की अध्यक्षता में यमुना के कायाकल्प की तर्ज पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई। सिलसिलेवार बैठकों के बाद दिल्ली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक कार्ययोजना बनाई गई। 6 अप्रैल के मुख्य सचिव के आदेश के बाद काम में और तेजी आई।