डॉ. गिरधर का कहना है कि महामारी की नई लहर को जानने के लिए महामारी विज्ञान व गणितीय मॉडल दोनों के स्तर पर कई अहम ट्रेंड को समझना जरूरी है। जब भी संक्रमण दर और दैनिक मामलों में बढ़ोतरी लगातार दो सप्ताह तक होती है तो वह एक नई लहर का संकेत होता है। दो सप्ताह या 15 दिन की इस स्थिति को जब गणितीय मॉडल के साथ ग्राफ के रूप में देखते हैं तो नई लहर भी नजर आने लगती है।
ऐसे जानें, लहर हल्की होगी या गंभीर
महामारी की लहर गंभीर हो सकती है या हल्की, इसके बारे में कैसे पता किया जा सकता है? इस पर नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महामारी विशेषज्ञ डॉ. समीरन पांडा बताते हैं कि किसी भी लहर का असर स्थानीय अस्पतालों की स्थिति से पता चलता है।
जैसे अभी एनसीआर में संक्रमण बढ़ा है, लेकिन अस्पतालों में रोगियों की संख्या नहीं बढ़ी है। यह ट्रेंड करीब दो सप्ताह तक देखना पड़ता है। अभी जो ट्रेंड दिख रहा है उसके आधार पर यही कहा जा सकता है कि नई लहर का असर ओमिक्रॉन की भांति हल्का और कम प्रभावी हो सकता है। इसका मतलब यह कतई नहीं कि लोग लापरवाही करें।
दिल्ली के अस्पतालों में 10 फीसदी मरीज बढ़े
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग से जानकारी मिली है कि अस्पतालों में कोरोना से जुड़े मरीजों में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सात अप्रैल तक इन अस्पतालों में कुल 39 मरीज भर्ती थे जिनमें 24 संदिग्ध और 15 संक्रमित रोगी थे, लेकिन 13 अप्रैल तक अस्पतालों में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 43 हो गई। इनमें 32 संदिग्ध और 11 संक्रमित रोगी हैं।
क्षेत्र नए मामले संक्रमण दर (फीसदी में)
देश 7088 0.23
दिल्ली-एनसीआर 2023 3.60
केरल 1708 2.20
महाराष्ट्र 758 0.50
हरियाणा 721 3.05
मिजोरम 711 8.1
उत्तर प्रदेश 239 00
(एनसीआर में दिल्ली और आसपास के पांच शहर शामिल, सभी आंकड़े बुधवार तक के हैं।)
(यूपी में 28 फीसदी मामले सिर्फ गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में रिकॉर्ड किए गए हैं।)
बचाव के उपाय
- चेहरे पर मास्क लगाना नहीं छोड़ें, भीड़ से दूर रहें और बार-बार हाथ धोते रहें।
- जिनका टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है उन्हें टीका तत्काल लेना चाहिए।
- जिन्होंने नौ माह पहले दूसरी खुराक ली थी, वे एहतियाती खुराक भी जरूर लें।
- इम्युनिटी बरकरार रखने पर ध्यान देना जरूरी।