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दिल्ली: जिम संचालकों ने खोला मोर्चा, सीएम आवास पर किया प्रदर्शन, कहा- शराब की दुकानें खुल सकती हैं तो जिम क्यों नहीं?

Thu, 20 Jan 2022 08:48 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

प्रदर्शनकारी एक हाथ में शराब की खाली बोतल व दूसरे हाथ में डंबल लेकर प्रदर्शन करते दिखे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था देश का युवा फिट होना चाहिए या देश का युवा नशेड़ी चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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व्यापारियों के बाद अब जिम संचालकों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को जिम मालिकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास स्थान पर प्रदर्शन कर रहे जिम संचालकों का कहना था कि पड़ोसी राज्यों में जब जिम खुले हुए हैं तो दिल्ली में जिम क्यों बंद किया गया है।

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प्रदर्शनकारी एक हाथ में शराब की खाली बोतल व दूसरे हाथ में डंबल लेकर प्रदर्शन करते दिखे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर लिखा था देश का युवा फिट होना चाहिए या देश का युवा नशेड़ी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली में दूसरी कई गतिविधियों को खुला रखा गया है, लेकिन जिम हमेशा सबसे पहले बंद होते हैं। पड़ोसी राज्यों में भी जिम खुले हैं और जिम से कोविड के मामलों में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। दिल्ली में 5500 जिम हैं और 1 लाख से अधिक लोग अपनी आजीविका के लिए फिटनेस उद्योग पर निर्भर हैं। जिम इम्युनिटी का निर्माण करते हैं, यदि कोई व्यक्ति रेस्तरां या साप्ताहिक बाजारों की तुलना में कोविड पॉजिटिव पाया जाता है तो जिम में लोगों को ट्रैक करना आसान है।

दिल्ली जिम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चिराग सेठी ने कहा कि दिल्ली सरकार और डीडीएमए द्वारा जिम को बंद करना वास्तव में अनुचित है। बाकी सब कुछ खुला है। पिछले 20 महीनों में जिम 9 महीने से बंद हैं। ऐसे में जिम संचालकों व इससे जुड़े लोगों का गुजारा कैसे होगा। कैसे किराया देंगे, बिजली और पानी का खर्च कैसे देंगे। शाम के समय शराब की दुकान पर लाइन लग जाती है। लेकिन जब वहीं युवा जिम जाना चाहता है अपने स्वास्थ्य के लिए वहां ताला लगी होती है। प्रदर्शन में शामिल जिम संचालक भूपेंद्र शर्मा, डॉ प्रदीप चौधरी, रीटा जयरथ ने कहा कि यह समझ से परे है कि देश को फिट युवा चाहिए या नशा करने वाला युवा।

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