दिल्ली में जल्द ही गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से निजामुद्दीन स्थित बालाजी गुरुद्वारा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनकर तैयार होगा। इसकी शुरुआत प्रबंधक कमेटी ने कर दी है। सवा सौ बेड वाले इस अस्पताल में 35 आईसीयू व चार बच्चों के लिए आईसीयू बेड होगा। महिलाओं के लिए अलग से वार्ड तैयार किया जाएगा।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बुधवार को 125 बेड वाले कोरोना अस्पताल के निर्माण के लिए सोने व चांदी को बाबा बचन सिंह जी कार सेवा वालों को सौंपा गया ताकि अस्पताल का निर्माण किया जा सके। इस मौके पर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा व महासचिव हरमीत सिंह कालका ने बताया कि इस कोरोना अस्पताल का निमार्ण कार्य बाबा बचन सिंह व उनकी टीम द्वारा किया जाएगा।
कमेटी 60 दिनों के रिकॉर्ड समय में यह अस्पताल स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। सिरसा ने कहा कि आज सोने व चांदी का कोई मूल्य नहीं रहा बल्कि मनुष्य की जान बचाना ही सब से ज्यादा कीमती है। गुरु साहिबान के दर्शाए हुए मार्ग पर चलते हुए मानवता की सेवा कर रही है। हमारा मकसद इस महामारी के समय ज्यादा से ज्यादा जानें बचाना है तथा गुरु हरिकृष्ण साहिब जी के नाम पर बन रहे इस अस्पताल में मानवता की सेवा की जाएगी।
गुरु घर में सोना व चांदी दान किया है उनकी भावना अतुलनीय है। दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने हमेशा मानवता की सेवा के लिए काम किया है और इसका मानना है कि गुरु साहिब ने स्वंय यह सेवा उनसे ली है। जब हमनें 400 बेड का कोरोना केयर सेंटर स्थापित करने का एलान किया था तो हमारे पास एक भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं था पर गुरु साहिब की रहमत के कारण चंद घंटों में ही 100 कंसंट्रेटर आ गए।
इस मौके पर फ्रांस सरकार का आभार व्यक्त किया जिसने नोवा आक्सीजन जनरेटर प्लांट दिया है व संगत का भी धन्यवाद किया जिसने दूसरा आक्सीजन प्लांट व अनगिनत सेवा इस उद्यम के लिए दी है। एनआरआई ना केवल पैसा दे रहे है बल्कि वेंटिलेटर, बेड मेडिकल मशीनरी व अन्य सामान देने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि संगत ने बायो केमिस्ट लैब भी अस्पताल के लिए दी है।