नई दिल्ली। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मेडिकल व इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए होने वाली नीट-जेईई परीक्षा स्थगित करने या परीक्षा के अन्य विकल्प तलाशने की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा लेने की पुरानी व्यवस्था पर चिपके रहना रूढ़िवादी और संकुचित सोच है। केंद्र सरकार को बिना समय गंवाए परीक्षा के संबंध में फैसला लेना चाहिए।
नीट-जेईई परीक्षा कराने पर आपत्ति जताते हुए सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार बिल्कुल आंख बंद करके बैठी है और छात्रों की परेशानी समझ नहीं आ रही। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि वह परीक्षा कराने की व्यवस्था कर लेंगे। कोरोना के इस दौर में बहुत अच्छी बात है कि वो व्यवस्था कर लेंगे।
सिसोदिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे स्वास्थ्य मंत्री को कोरोना हुआ, गृहमंत्री अमित शाह को खुद भी कोरोना हुआ, कई राज्यों के मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों तथा राज्यपालों को कोरोना हुआ है, वो सब भी तो इसी व्यवस्था के अंदर आते हैं। इसी व्यवस्था के भरोसे यदि आप 28 लाख बच्चों को बोल देंगे कि आप परीक्षा दे दो, हम सब ठीक कर देंगे तो यह संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के तमाम देश परीक्षा से बाहर आ रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार परीक्षा कराने में लगी है। कोरोना के इस दौर में भी हम शिक्षा मुहैया करा रहे हैं, लेकिन तीन घंटे की परीक्षा से किसी के टैलेंट को नहीं परखा जा सकता। यह संकुचित सोच ही है। सरकार के पास ज्यादा समय नहीं है, ऐसे में उसे जल्द ही कोई फैसला लेना चाहिए।