नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे विकास यादव की पेरोल की मांग खारिज कर दी है। यादव ने बीमारियों के इलाज के लिए आठ सप्ताह की पैरोल की मांगी थी।
न्यायमूर्ति विभु बाखरू की एकल पीठ ने कहा कि नीतीश कटारा के परिवार वालों की सुरक्षा के मद्देनजर पैरोल की याचिका खारिज की जाती है।
कोर्ट ने वकील से कहा कि अदालत आपकी याचिका पर इसलिए विचार कर रही है, क्योंकि विकास यादव बहुत लंबे समय से जेल में बंद हैं। उसका जेल में जो बर्ताव रहा है, उसे देखते हुए कोर्ट यह सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि किसी दस्तावेज को लेकर कोई शंका न रहे।
जेल प्रशासन ने कोर्ट से कहा कि जिन बीमारियों के इलाज के लिए याचिका दायर की गई है, उनकी पुष्टि दिल्ली के किसी अस्पताल से नहीं कराई गई है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह विकास यादव के मेडिकल रिपोर्ट का वेरिफिकेशन करें। विकास यादव का भाई विशाल यादव भी नीतीश कटारा हत्या मामले में जेल में बंद है।
सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2016 को विकास यादव और विशाल यादव की सजा घटाकर 25 साल कर दी थी, जबकि तीसरे दोषी सुखदेव पहलवान की सजा घटाकर 20 साल कर दी थी। विकास यादव यूपी के बाहुबली नेता डीपी यादव का बेटा है। विकास यादव और विशाल यादव चचेरे भाई हैं। दोनों नीतीश कटारा की हत्या के दोषी हैं।