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गोपाल कांडा केस : कोर्ट ने कहा- प्रताड़ित करने वाले व्यक्ति से कोई लाभ नहीं लेगा, सुसाइड नोट पर सवाल

Wed, 26 Jul 2023 07:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा विजय सिंघल, नई दिल्ली

सार

अदालत ने कहा कि आरोपी ने गीतिका के प्रति लगाव व आकर्षण के चलते ही उसे सुविधाएं प्रदान की। अदालत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्ति से लाभ व एहसान नहीं लेगा जिससे कारण वह प्रताड़ित व तनाव में आ जाए।
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Geetika Sharma Suicide Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में अदालत ने मृतका व उसके परिवार की ओर से आरोपी गोपाल गोयल कांडा से लाभ व एहसान लेने पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि आरोपी ने गीतिका के प्रति लगाव व आकर्षण के चलते ही उसे सुविधाएं प्रदान की। अदालत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्ति से लाभ व एहसान नहीं लेगा जिससे कारण वह प्रताड़ित व तनाव में आ जाए। इसके अलावा जब गीतिका ने नौकरी प्राप्त की उस समय विमानन सेवा व अन्य की उसके पास कोई योग्यता नहीं थी।

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विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी कांडा ने गीतिका को बहुत सारे उपहार प्रदान किए थे। ऐसी परिस्थितियों में यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी ने अपने आचरण से अप्रत्यक्ष रूप से मृतक गीतिका शर्मा को आत्महत्या करने के लिए उकसाया था। अदालत ने कहा कोई भी समझदार और विवेकशील व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा कि उसी व्यक्ति से मेलजोल बढ़ाए या लाभ या एहसान ले जो उसके जीवन में तनाव पैदा करता है। 

अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर रखे गए तथ्यों के मुताबिक, कांडा ने गीतिका शर्मा को अपनी एयरलाइन कंपनी में निदेशक बनाया। यही नहीं उसने गीतिका को संडेल एजुकेशनल सोसायटी का अध्यक्ष भी बनाया व उसे एमबीए कोर्स के लिए स्पॉन्सर किया। एक बीएमडब्ल्यू कार भी दी थी। कांडा गीतिका को अपने साथ सिंगापुर भी ले गया था। अदालत ने कहा, प्रश्न यह भी उठता है कि उसने मृतक गीतिका शर्मा पर मेहरबानी की। अदालत ने कहा कि 2006 में एमडीएलआर ग्रुप में शामिल होने के समय गीतिका शर्मा केवल 12वीं कक्षा पास थी और उसके पास विमानन या आतिथ्य के क्षेत्र में अनुभव की कोई योग्यता नहीं थी। गीतिका के परिवार का भी आरोपी कांडा से कोई संबंध नहीं था। इसके अलावा गीतिका के भाई व पिता की गवाही से भी स्पष्ट है कि वे आरोपी के साथ मुंबई, गोवा व शिरडी गए लेकिन कभी भी उनका आरोपी से कोई विवाद नहीं रहा।
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अदालत ने कहा, इन सब तथ्यों को देखते हुए यह विश्वास करना मुश्किल है कि आरोपियों ने उसे प्रताड़ित किया। साक्ष्यों से स्पष्ट है कि गीतिका के आरोपी अरुणा चड्ढा से गहरी दोस्ती थी और वह उसके कार्यक्रम में जाती रही है। अदालत ने कहा, यह भी मानना असंभव है कि एक कंपनी का सीएमडी, जो एक एयरलाइन के साथ ही होटलों का मालिक है, वह दुबई में एक केबिन क्रू कर्मचारी यानी गीतिका से कंपनी में वापस लौटने के लिए अनुरोध करेगा। 

अदालत ने सुसाइड नोट पर उठाया सवाल
अदालत ने गीतिका के सुसाइड नोट पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें कहीं भी स्पष्ट नहीं है कि उसे किस प्रकार प्रताड़ित किया गया। अदालत ने कहा सुसाइड नोट में कहीं भी इसका जिक्र नहीं है कि उसे स्कूल के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने या एमबीए की शिक्षा के लिए प्रदान की गई 7.45 लाख रुपये फीस वापस करने के लिए प्रताड़ित किया गया। इसके अलावा गीतिका के भाई के बयान में भी नहीं है कि आरोपी ने उस पर सुंडेल एजुकेशनल सोसायटी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। ऐसा भी रिकार्ड पर नहीं है कि गीतिका पर गोवा में कांडा के होटल की दो कर्मचारियों नूपुर और अंकिता सिंह पर मारपीट व अन्य के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद्द करवाने का दबाव बनाया गया।

मुंबई की फ्लाइट मिस होने के तर्क को नकारा
अदालत ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरोपियों के फोन से प्रताड़ित होने के कारण ही 3 अगस्त 2012 को गीतिका की फ्लाइट छूट गई। ऐसे में उसे रात मुंबई एयरपोर्ट पर गुजारनी पड़ी। साक्ष्यों से स्पष्ट है कि परिवार के सदस्य यह बयान देकर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं कि गीतिका ने रात मुंबई एयरपोर्ट पर बिताई, जबकि वह किसी अन्य के साथ होटल में रुकी थी। विशेष न्यायाधीश विका ढुल ने फैसले में अभियोजन पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि गीतिका रिश्तेदार के साथ 3 अगस्त की सुबह मुंबई में फैशन शो कार्यक्रम में शामिल हुई और उसे रात 8:30 बजे की फ्लाइट से वापस दिल्ली आना था, लेकिन एयरपोर्ट पर उसके पास आरोपियों का फोन आया व परेशानी की हालत में भी बात करती रही। इससे उसकी फ्लाइट छूट गई और वह अगले दिन दिल्ली आई। अदालत ने फैसले में कहा कि भले ही अभियोजन पक्ष के गवाह यह बयान देकर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे थे कि गीतिका ने रात मुंबई एयरपोर्ट पर बिताई थी, लेकिन इस बात की प्रबल संभावना है कि वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ मुंबई में रुकी थी जिससे उसके संबंध थे। इस बात की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि 4 अगस्त, 2012 को दिल्ली आने पर गीतिका व मां में झगड़ा हुआ और इसके बाद गीतिका ने जान दे दी। न्यायाधीश ने कहा कि सुसाइड नोट में व्यक्त किया गया अफसोस कि गीतिका ने आरोपियों पर भरोसा कर जीवन में बड़ी गलती की। ये आरोपियों द्वारा उसके गर्भपात व मुंबई बिताई रात के बारे में साझा करके विश्वास को तोड़ने के संदर्भ में हो सकता है। 

देश में मच गया था हड़कंप
भारत नगर थाना इलाके के अशोक विहार फेज-3 पॉकेट बी में 5 अगस्त 2012 की सुबह 9:20 बजे पुलिस को गीतिका शर्मा (23) की खुदकुशी की सूचना मिली। चचेरे भाई गौरव ने उसे पंखे से लटकते देखकर पुलिस को सूचना दी थी। प्राथमिक जांच में पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, लेकिन पुलिस ने सुसाइड नोट को पढ़ा तो हड़कंप मच गया। एयरहोस्टेस रही गीतिका ने निजी एयरलाइंस कंपनी एमडीएलआर के एमडी व हरियाणा के तत्कालीन गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा और कंपनी की मैनेजर अरुणा चड्ढा पर प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी की बात लिखी थी। मामला हाईप्रोफाइल होने से उत्तर पश्चिम जिला के तत्कालीन पुलिस उपायुक्त पी करुणाकरण सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में गीतिका के घर पर मीडिया का जमावड़ा लग गया। गौरव के अलावा घर का कोई भी सदस्य इस बारे में कुछ भी नहीं कह रहा था। मां अनुराधा घर की रेलिंग पर आकर चीखने लगीं। अनुराधा बार-बार एक ही बात कह रही थी कि जो बेटी के मौत के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें सजा मिले। प्रिंटिंग प्रेस का काम करने वाले गीतिका के पिता दिनेश शर्मा घर में ही मौजूद थे। जांच के दौरान पुलिस ने गीतिका का मोबाइल और डायरी को कब्जे में लिया। परिजनों पुलिस को बताया कि गोपाल कांडा की कंपनी सुपरसोनिक में गीतिका निदेशक थी और डेढ़ माह से काम छोड़ रखा था। परिजनों ने गोपाल व अरुणा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इसके बाद भारत नगर थाना पुलिस ने सुसाइड नोट और परिजनों के बयान के आधार पर कांडा व अरुणा पर खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया।

सुसाइड नोट : मेरे साथ विश्वासघात हुआ
गीतिका ने डीयू से पत्राचार से स्नातक करने के बाद एयरहोस्टेस का कोर्स किया था। इसके बाद एमडीएलआर कंपनी में नौकरी करने लगी थी। गीतिका ने सुसाइड नोट में लिखा था कि हमने विश्वास किया, लेकिन इन लोगों ने विश्वासघात किया। गीतिका का आरोप था कि नौकरी छोड़ने के बाद गोपाल कांडा और मैनेजर अरुणा चड्ढा ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और दोबारा नौकरी ज्वाइन करने का दबाव बनाया। इससे परेशान होकर वह जान दे रही है। गीतिका ने कांडा के खिलाफ लड़कियों पर गलत नियत रखने, उसकी जिंदगी बर्बाद करने और एक लड़की से संबंध के बाद बच्चा होने का भी आरोप लगाया। वहीं, अरुणा पर आरोप लगाया कि वह पहले उसकी शुभचिंतक थी, लेकिन नौकरी के लिए वह नीचे गिर गई। अरुणा ने मुझे परिवार से जुदा किया, उसे मैं कभी माफ नहीं करूंगी।

गम में मां ने भी गीतिका के कमरे में दी थी जान
गीतिका की आत्महत्या के छह माह बाद 15 फरवरी 2013 को मां अनुराधा शर्मा ने भी उसी कमरे व पंखे से लटककर जान दे दी थी जिस पंखे से गीतिका लटकी थी। उस समय परिजनों का आरोप था कि हताश होकर अनुराधा ने यह कदम उठाया। अनुराधा के पास से पुलिस को दो पेज का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसमें अनुराधा ने कांडा व अरुणा को मौत का जिम्मेदार बताया था। अनुराधा की मौत के बाद पुलिस ने इस संबंध में भारत नगर थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। माना जा रहा था कि अनुराधा की मौत के बाद कांडा की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। इसके बाद कांडा को मामले में जमानत मिलने में एक साल से अधिक का समय लग गया। कांडा को मार्च 2014 में जमानत मिली जबकि अरुणा को 10 फरवरी 2013 को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।  ब्यूरो'

फैसला आते ही पिता व भाई ने खुद को किया घर में कैद
अदालत ने जैसे ही गोपाल कांडा को बरी किया गीतिका के पिता व भाई हताश हो गए और मीडिया से बातचीत किए बिना दोनों सीधे अशोक विहार फेज-3 स्थित घर पहुंच गए। दिनभर मीडियाकर्मियों ने घर जाकर पिता व भाई की प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, लेकिन दोनों ने दरवाजा नहीं खोला। पड़ोसियों से भी बातचीत नहीं की। हालांकि, सोसाइटी के गार्ड ने मीडिया से कहा कि गीतिका को न्याय नहीं मिला। गीतिका परिवार के साथ पॉश सोसाइटी की दूसरी मंजिल पर रहती थी। गीतिका और मां अनुराधा के आत्महत्या करने के बाद पिता दिनेश व भाई अंकित ही बचे हैं। 11 साल केस चलने के बाद परिवार को फैसला अपने हक में आने की उम्मीद थी। सुबह पिता जरूरी सामान लेने के लिए घर से निकले थे तो लोगों ने उन्हें देखा था। इसके बाद किसी ने दोबारा नहीं देखा। सोसाइटी के गार्ड ने बताया कि पिता-पुत्र को कोर्ट से घर आते हुए देखा था। सुबह से मीडियाकर्मी गीतिका के घर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पिता दिनेश और भाई अंकित ने दरवाजा नहीं खोला। 

बरी होने के बाद कालकाजी मंदिर गए कांडा
हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में बरी होने के बाद कालकाजी मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। पुजारी ने गर्भगृह में प्रवेश करवाकर पूजा कराई। पुजारी ने आशीर्वाद स्वरूप कालका मां की चुनरी दी। कांडा ने चुनरी को कार में बैठने के बाद भी गले नहीं उतारा। समर्थकों से घिरे कांडा ने मीडिया से कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं था। देवी-देवताओं के आशीर्वाद से वह बरी हुए। मंदिर से रवाना होने के बाद कांड ने कालकाजी मंदिर में पूजा करने की ट्वीट से भी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में कहा कि न्याय के मंदिर और ईश्वर पर मुझे विश्वास था। आज मुझे न्याय मिला है।

ट्रेनी केबिन क्रू से निदेशक बनी गीतिका
महज 17 साल और छह माह की उम्र में गीतिका ने गोपाल कांडा की एमडीएलआर कंपनी में नौकरी शुरू की थी। इंटरव्यू के फौरन बाद गीतिका को कंपनी में ज्वाइन करने के लिए कहा गया था। गीतिका 18 साल की हुई तो उसे एयरहोस्टेस बना दिया गया। इसके बाद तरक्की का सिलसिला थमा नहीं और वह एमडीएलआर कंपनी में कई पदों से होते हुए निदेशक बन गई। अचानक गीतिका ने आत्महत्या करने से डेढ़ माह पहले नौकरी छोड़ दी। पांच अगस्त 2012 को उसने जान दे दी।

गीतिका ने दिल्ली के एक स्कूल से 12वीं पास करने के बाद एयरहोस्टेस का कोर्स किया। कोर्स पूरा होते ही एमडीएलआर कंपनी में इंटरव्यू दिया। 18 अक्तूबर 2006 को बतौर ट्रेनी केबिन क्रू काम शुरू कर दिया। गीतिका को गोपाल के करीबियों में गिना जाता था, लेकिन 22 मई 2010 को गीतिका ने एमडीएलआर कंपनी से त्यागपत्र दे दिया। बाद में वह दुबई चली गई। यहां उसने एमिरेट्स एयरलाइंस में नौकरी शुरू कर दी। मीडिया में उस वक्त खबरें आई कि एमडीएलआर ने गीतिका को दोबारा लाने की कोशिश की। कंपनी के आला अधिकारी दुबई भी गए। इसके बावजूद बात नहीं बनी। मार्च 2011 में फिर से गीतिका ने एमडीएलआर एयरलाइंस ज्वाइन की तो उसे निदेशक बना दिया गया, लेकिन जुलाई 2012 में उसने नौकरी छोड़ दी।

गोपाल ने रेडियो रिपेयर की छोटी सी दुकान से की थी शुरुआत

  • गोपाल कांडा की सिरसा में रेडियो रिपेयर  की छोटी सी दुकान थी। इसके बाद कांडा ने जूते-चप्पल की दुकान खोली। दुकान चल  पड़ी तो जूता फैक्टरी खोल ली। इसके बाद राजनीति में पहचान बनानी शुरू कर दी। कांडा ने रियल एस्टेट का कारोबार करना भी शुरू कर दिया।
  • गोपाल कांडा ने 2008 में पिता मुरलीधर लख राम के नाम पर गुरुग्राम से एमडीएलआर एयरलाइंस की शुरुआत की। हालांकि बाद में विवाद होने पर इसे बंद कर दिया। इस दौरान कांडा की करीब 40 दूसरी कंपनियां चलती रहीं।
  • इन्हीं कंपनियों में गोपाल कांडा ने लड़कियों को भर्ती करना शुरू कर दिया। छोटी उम्र की लड़कियों को बड़े पद देने शुरू कर दिए। इन्हीं में दिल्ली की लड़की गीतिका भी शामिल थी। गीतिका को पहले इंटरव्यू के बाद सीधे केबिन क्रू का अपॉइंटमेंट लेटर दे दिया गया।
  • वर्ष 2009 में कारोबारी गोपाल कांडा ने सिरसा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद कांग्रेस की हुड्डा सरकार में गोपाल कांडा प्रदेश के गृह राज्य मंत्री बने। जिन्हें 2012 में यह पद छोड़ना पड़ा था।
  • गीतिका शर्मा ने 5 अगस्त 2012 को दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में सुसाइड कर लिया। उसने फंदा लगाया था। पुलिस को गीतिका के घर से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने सुसाइड के लिए गोपाल कांडा और एमडीएलआर के मैनेजर अरुणा चड्ढा को जिम्मेदार ठहराया। गीतिका ने लिखा कि मैं अपने आप को खत्म कर रही हूं। मेरा विश्वास टूट गया है। मेरे साथ धोखा किया गया। गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा ने मेरा विश्वास तोड़ा।
  • इस मामले की सुनवाई न्यायालय में 6 अक्टूबर 2012 को शुरू हुई थी। 


कब क्या हुआ

  • 5 अगस्त 2012 : एमडीएलआर कंपनी की निदेशक गीतिका ने अशोक विहार स्थित घर में खुदकुशी कर ली। उसने सुसाइड नोट में कंपनी के एमडी गोपाल कांडा और मैनेजर अरुणा चड्ढा पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। पुलिस ने खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।
  • 6 अगस्त 2012 : पुलिस ने गीतिका के घर से लैपटॉप और मोबाइल जब्त किया। एफआईआर में धमकी की धारा जोड़ी।
  • 8 अगस्त 2012 : पुलिस ने अरुणा चड्ढा और अंकित को दस घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गोपाल पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए तो पुलिस ने तलाश शुरू की।   
  • 9 अगस्त 2012 : पुलिस ने मनदीप को बनाया सरकारी गवाह। रोहिणी कोर्ट से गोपाल की जमानत अर्जी खारिज और अरुणा को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। 
  • 10 अगस्त 2012 : पुलिस ने कांडा की तलाश में गुरुग्राम और सिरसा सहित अन्य जगहों पर दबिश दी। साथ ही, एमडीएलआर के कई कर्मचारियों से की पूछताछ। 
  • 12 अगस्त 2012 : पुलिस ने कांडा की तलाश में चंडीगढ़, गोवा आदि में दबिश दी। 
  • 14 अगस्त 2012 : हाईकोर्ट ने कांडा की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा। 
  • 15 अगस्त 2012 : पुलिस ने कांडा के सिरसा स्थित घर पर छापा मारा। 
  • 16 अगस्त 2012 : रोहिणी अदालत ने कांडा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।
  • 17 अगस्त 2012 : हाईकोर्ट ने गोपाल कांडा के अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की। रात में पुलिस उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचे कांडा के भाई गोविंद को पुलिस ने हिरासत में लिया। 
  • 18 अगस्त 2012 : कांडा ने अशोक विहार स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय में तड़के चार बजे समर्पण किया।

हाईकोर्ट में अपील करेगा अभियोजन पक्ष
अभियोजन पक्ष ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। सरकारी वकील ने कहा कि गोपाल प्रभावशाली हैं। आरोपी ने गीतिका को वापस कंपनी में लाने के लिए साजिश रची व प्रताड़ित किया। आरोपियों ने एमिरेट्स एयरलाइंस छोडने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं झूठे साक्ष्य बनाए, ताकि गीतिका परेशान हो। 

  • फैसले पर दिल्ली पुलिस ने चुप्पी साधे रखी और ऊपरी अदालत में जाने की बात नहीं कही।
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