उत्तरी दिल्ली के सदर बाजार इलाके में करीब 27 साल पहले हुई चाचा की हत्या का बदला लेने के लिए रेसलिंग में जूनियर नेशनल चैंपियन ने रविवार देर रात हत्या के दोषी पवन को गोली मार दी। फिलहाल वह पैरोल पर आया हुआ है। गोली उसे छूती हुई उसके दोस्त को जा लगी। पुलिस ने दोनों को घायल हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है, वहीं आरोपी रेसलर कुणाल (19) और उसके दोस्त नवीन उर्फ अनिकेत को सोमवार तड़के गिरफ्तार कर लिया है। इनसे वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है। सदर बाजार थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 1993 में पवन ने कुणाल के चाचा की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे उम्र कैद हो गई थी। तब तक कुणाल का जन्म ही नहीं हुआ था। कोरोना की वजह से फिलहाल पवन पैरोल पर बाहर आया हुआ है। रविवार शाम पवन अपने दो दोस्तों लक्ष्मण और सोमपाल के साथ चावला ट्रांसपोर्ट, चर्च वाली गली में बैठा था। इसी दौरान कुणाल ने उस पर गोली चलाई, जो उसकी गर्दन को छूती हुई, उसके दोस्त लक्ष्मण के पेट में जा लगी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। पवन के खिलाफ हत्या के तीन सहित 11 मामला पहले से दर्ज है।
कुणाल के परिवार को आंख दिखाता था
पूछताछ में कुणाल ने खुलासा किया है कि पैरोल पर आने के बाद पवन उसे और उसके परिवार को आंख दिखाता था। पहले ही वह अपने चाचा राजेश की हत्या का बदला लेना चाहता था। अब पवन की इन हरकतों ने उसके गुस्से को और बढ़ा दिया। उसने एक देसी पिस्टल का इंतजाम कर अपने दोस्त के साथ मिलकर पवन पर गोली चला दी। कुणाल को पवन के न मारे जाने पर अफसोस है। कुणाल परिवार के साथ सदर बाजार इलाके में रहता है। 12वीं पास करने के बाद वह पहलवानी करने लगा और स्टेट और नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता था। वर्ष 2017 में उसने रेसलिंग में जूनियर नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीता था।
चाचा की हत्या के वक्त जन्म भी नहीं हुआ था
कुणाल का जन्म चाचा की हत्या के करीब आठ साल बाद हुआ था। घर वालों ने उसे बताया था कि वर्ष 1990 में उसके चाचा से पड़ोसी पवन का झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में उसने पवन की हत्या करना ठान लिया था।