किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (सांकेतिक तस्वीर)
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दिल्ली के सागरपुर इलाके में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप के मुताबिक पांच युवकों ने लड़की को धोखे से घर से एक फ्लैट पर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने लड़की को जबरदस्ती शराब पिलाई और विरोध करने पर पिटाई कर उसके बाल काट दिए। किसी तरह से आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता घर पहुंची।
लड़की की मां ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही जिसकी वजह से मामला दर्ज करने में देरी हुई। आखिरकार आला अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद सागरपुर थाने में शिकायत दर्ज की गई। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह 30 जून की रात मां के साथ घर में सो रही थी। उसका भाई हरिद्वार गया था। तभी उसके भाई का दोस्त अमित और भूरी ने घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर उन लोगों ने बताया कि उसका भाई उसे बुला रहा है। वह उन लोगों के साथ बाइक पर बैठ चली गई। दोनों उसे सब्जीमंडी स्थित एक फ्लैट पर ले गए। जहां पहले सेे हनी, अनिल और नीलू बैठकर शराब पी रहे थे। कमरे के भीतर जाकर उसने भाई के बारे में पूछा। लेकिन आरोपियों ने दरवाजा बंद कर उसकी पिटाई करने लगे और उसके मुंह में जबरदस्ती शराब उड़ेल दी। उसके बाद सभी आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
अगले दिन सुबह आठ बजे उसकी नींद खुली। वह नशे की हालत में थी। इसके बाद भाई के दोस्तों ने घर छोड़ने की बात कहकर उसे पीरागढ़ी स्थित एक फ्लैट पर ले गए। इस फ्लैट पर भी आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर हत्या करने की धमकी दी। अगले दिन तड़के चार बजे पीड़िता युवकों के चंगुल से निकलकर भाग गई। उधर पीड़िता की मां उसकी तलाश कर रही थी।
बेटी के मिलने के बाद वह एक परिचित महिला की मदद से लड़की को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया। काफी प्रयास के बाद सागरपुर थाना पुलिस ने चार जुलाई को पीड़िता के बयान पर अगवा कर बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कर लिया है।