कोविड-19 नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर सर गंगाराम अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए अस्पताल प्रशासन ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के आरोपों के तहत यह रिपोर्ट दर्ज की गई। याचिका पर न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की एकल पीठ सोमवार को सुनवाई करेगी।
वकील रोहित अग्रवाल के माध्यम से दायर याचिका में अस्पताल प्रशासन ने कहा कि 5 जून को राजेंद्र नगर थाने में चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द किया जाए। इसके साथ ही दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल के खिलाफ 3 जून को दिए गए आदेश को भी रद्द करने की मांग की गई है।
अस्पताल के खिलाफ दर्ज एफआईआर स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के आरोपों के तहत आईपीसी की धारा-188 का उल्लंघन करने के चलते दर्ज की गई है। आरोप लगाया गया है कि अस्पताल प्रशासन ने कोविड-19 के जांच सैंपल लेने के दौरान आरटी-पीसीआर एप का प्रयोग नहीं किया, जिसे दिल्ली सरकार की ओर से कोविड-19 टेस्ट सैंपल के लिए अनिवार्य किया गया है।
यह एप केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा लांच किया गया है, जिसका प्रयोग ना करना नियमों का उल्लंघन है। स्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि 3 जून तक अस्पताल प्रशासन ने कोविड-19 सैंपल के लिए आरटी-पीसीआर एप का प्रयोग ही नहीं किया।
अपील पर दी जांच की मंजूरी
अस्पताल प्रबंधन ने दिल्ली सरकार से अपील की थी कि उनके यहां कोरोना जांच को मंजूरी दी जाए। क्योंकि, कोविड अस्पताल होने के चलते कोरोना मरीजों की जांच करना जरूरी है। साथ ही यह आश्वासन भी दिया था कि वह जांच में आरटी-पीसीआर एप का इस्तेमाल करेगा। इसके बाद दिल्ली सरकार ने शनिवार को अस्पताल की अपील को मानते हुए कोविड जांच करने की अनुमति दे दी।