नई दिल्ली। जीमैट, जेईई और टॉफेल जैसी ऑनलाइन परीक्षाएं पास करवाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट (आईएफएसओ) ने खुलासा किया है। गैंग मोटी रकम लेकर ऑनलाइन परीक्षाएं अवैध रिमोट एक्सेस लेकर पास करवा देता था। जीमैट और जेईई के लिए 5 से 10 लाख, जबकि टॉफेल के लिए गिरोह 15 लाख रुपये तक लेता था। पुलिस ने 10 दिन तक चली कार्रवाई के बाद दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मुंबई में छापे मारकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गैंग सरगना पलवल के गांव अत्तर-चट्टा निवासी राज तेवतिया, करनाल के कुंजपुरा के गांव घीर निवासी मोहित शर्मा, दिल्ली निवासी कुणाल गोयल, मुंबई निवासी हेमल शाह और दो सगे भाई अरशद धुन्ना और सलमान धुन्ना के रूप में हुई है। सरगना राज तेवतिया की सीबीआई के अलावा हरियाणा पुलिस को तलाश थी। हरियाणा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले पांच साल से राज तेवतिया इस धंधे में सक्रिय है। इस दौरान उसने हजारों लोगों से मोटी रकम लेकर परीक्षाएं पास करवाई हैं। राज ने भारतीय थल सेना, नौसेना और एसएससी जैसी ऑनलाइन परीक्षाओं में भी सेंध लगाई। रिमोट एक्सेस के लिए राज के संबंध रूसी हैकर्स से थे। पुलिस ने इनके पास से 15 लैपटॉप, नौ मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
अपने-अपने इलाकों में खोल रखे थे सेंटर
पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि आरोपियों ने अपने-अपने इलाकों में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर भी खोला हुआ था। करीब छह माह से एसीपी रमन लांबा, इंस्पेक्टर संजीव सोलंकी, एसआई सुनील सिद्धू की टीम फर्जी तरीके से अवैध एक्सेस लेकर ऑनलाइन परीक्षाएं पास करवाने गैंग की पड़ताल कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गैंग GMAT, JEE, CISCO-Associat, EC Council, CEH, CHFI, CCISO और TOEFL जैसी परीक्षाएं पास करवाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ रहा है। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने गैंग के सदस्यों से ‘डार्क वेब’ की मदद से संपर्क किया।
सिपाही बना फर्जी ग्राहक, परीक्षा में 800 में से 780 नंबर पाए
दिल्ली पुलिस के सिपाही मनप्रीत को जीमैट परीक्षा पास करवाने के लिए फर्जी ग्राहक बनाकर बात की गई। जीमैट में 800 में से 780 नंबर प्राप्त करने के लिए गैंग के सदस्यों ने 5 लाख रुपये की मांग की, लेकिन तीन लाख में बात तय हुई। कुछ रकम उनके खाते में डाल दी गई। इसके बाद 26 दिसंबर को हुई परीक्षा में आरोपियों ने मनप्रीत से एक विशेष तरह का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया और उसके सिस्टम का एक्सेस सॉल्वर के हवाले कर दिया। मनप्रीत के बदले सॉल्वर ने ऑनलाइन परीक्षा दी। परीक्षा में मनप्रीत के 780 नंबर आ गए। इतने स्कोर पर पूरी दुनिया के नामी कॉलेजों में एमबीए में दाखिला लिया जा सकता है।
टेक्निकल सर्विलांस की मदद से मारे छापे
पुलिस ने इसके बाद टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पहले मुंबई के माहीम में छापा मारकर 1 जनवरी को तीन आरोपियों अरशद धुन्ना, सलमान धुन्ना और हेमल शाह को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से मोबाइल और लैपटॉप बरामद कर लिए। इन तीनों से पूछताछ के बाद दिल्ली में छापा मारकर कुणाल गोयल को पीतमपुरा से गिरफ्तार किया। इसके बाद गुरुग्राम से मोहित शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। मोहित ने बताया कि वह राज तेवतिया के साथ मिलकर परीक्षाएं पास करवाने का काम कर रहा था। छानबीन के बाद टीम ने 3 जनवरी को राज को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना-अपना गुनाह कबूल कर लिया। जेईई की परीक्षा पास करवाने के मामले में सीबीआई और हरियाणा पुलिस को राज की तलाश थी।
तीन मॉड्यूल में काम करता है गैंग, डार्क वेब से लोग करते हैं संपर्क
नई दिल्ली। ऑनलाइन परीक्षाएं पास करवाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों ने पुलिस की पूछताछ में खुलासा किया कि गैंग तीन अलग-अलग मॉड्यूल में काम करता था। डार्क वेब की मदद से लोग गिरोह से संपर्क करते थे। मुंबई के माहीम में बैठे अरशद, सलमान और हेमल ऑनलाइन परीक्षाएं पास करवाने के लिए डील करते थे। रुपयों की बात होने के बाद अपने खाते में कुछ रकम डलवा ली जाती थी। इसके बाद आगे मामला दूसरे मॉड्यूल यानी राज तेवतिया के पास पहुंच जाता था। राज अपने लोगों की मदद से अभ्यर्थियों के सिस्टम में एक विशेष तरह का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाता था, जिसे एग्जाम सेंटर पर पकड़ा नहीं जाता था। परीक्षा वाले दिन परीक्षार्थी से कंप्यूटर खोलकर बस बैठने के लिए कहा जाता था, बाकी काम तीसरा मॉड्यूल यानी सॉल्वर गैंग करता था। अभी तक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जीमैट के 18 अभ्यर्थियों के एक बैच को इन्होंने परीक्षा पास करवाई। इसके अलावा अलग-अलग परीक्षाएं 500 से अधिक अभ्यर्थियों की पास करवा चुके हैं।
पूरे देश में फैला है जाल
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि राज तेवतिया का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। देशभर के अलग-अलग राज्यों में इसके जानकार लोगों ने अपने-अपने एग्जाम सेंटर खोले हुए हैं। अरशद व सलमान का माहीम में सेंटर है, वहां 25 से अधिक लोग काम करते हैं। वहीं कुणाल गोयल भी दिल्ली के तिलक नगर में ‘साइट लर्निंग’ के नाम से सेंटर चलाता है। यहां 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। मोहित शर्मा जीमैट के छात्रों को पढ़ाता था। इसके बाद वह फेसबुक के जरिये कुणाल गोयल के संपर्क में आया और उसने सॉल्वर के रूप में राज के साथ काम शुरू कर दिया। राज ने खुलासा किया कि उसके पास परीक्षाओं के लिए अलग-अलग सॉल्वर मौजूद हैं, उनकी मदद से वह अभ्यर्थियों को मनचाहे नंबर दिलवाकर मोटी रकम ऐंठता था।
इस तरह देते थे परीक्षा
सौदा होने के बाद अभ्यर्थी को अल्ट्राव्यूवर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाने के बाद उसके सिस्टम का रिमोट एक्सेस आरोपी ले लेते थे। इसके बाद उसके सिस्टम की विंडो में कुछ इस तरह के सॉफ्टवेयर डाले जाते थे कि परीक्षा सेंटर पर प्रोक्टर उसको पकड़ नहीं पाता था। परीक्षा शुरू होते ही सॉल्वर अपने काम में लग जाता था। परीक्षार्थी बस वहां बैठकर एग्जाम देने का नाटक करता था।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी
. अरशद धुन्ना-बीकॉम पास, सिस्को नाम के कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर का मालिक।
. सलमान धुन्ना-बीटेक पास, अपने भाई के साथ ट्रेनिंग सेंटर में करता है मदद।
. हेमल शाह-बीकॉम पास, रुपयों के लेनदेन की करता है डील, गुजरात का निवासी।
. कुणाल गोयल-बीए पास, दिल्ली में अपना कंप्यूटर इंस्टीट्यूट चलाता है।
. मोहित शर्मा-बीटेक पास, राज तेवतिया के लिए सॉल्वर का करता है काम।
. राज तेवतिया-बीए प्रथम वर्ष, गैंग सरगना, देशभर के अलग-अलग मॉड्यूल करता है संचालित।
रूसी हैकरों की मदद से किसी भी सिस्टम में घुस जाता था गैंग
नई दिल्ली (शुजात आलम)। ऑनलाइन परीक्षाएं पास करवाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना राज तेवतिया पिछले पांच साल से इस अवैध धंधे में लिप्त है। उसका दावा है कि रूसी हैकर्स की मदद से गैंग किसी भी सिस्टम में घुस जाता था। अपनी गर्लफ्रेंड की मदद से वह रूसी हैकर्स के संपर्क में आया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी और एसएससी के लिए होने वाले एग्जाम में भी सेंध लगाई है। छानबीन के दौरान हरियाणा पुलिस और सीबीआई को इसकी करतूत का पता चल गया था, जिसके बाद से राज की तलाश जारी थी। अब राज दिल्ली पुलिस के हाथ लगा है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वर्ष 2018 में वह हैकर्स से मिलने के लिए रूस गया था। उसके कहने पर 2020 में कुछ हैकर्स यहां भारत में आए थे और लॉकडाउन में फंस गए थे। उनकी मौजूदगी का पुलिस को पता चला है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीए प्रथम वर्ष पास राज तेवतिया शुरुआत में टूर एंड ट्रैवल्स का काम करता था। शादी के बाद इसकी पत्नी ने ऑनलाइन परीक्षा दी, जिसके बाद राज को ऑनलाइन परीक्षा में नकल करवाने का पता चला। आरोपी ने धीरे-धीरे कुछ ऑनलाइन परीक्षाएं दिलवाने वाले सेंटरों में हिस्सेदारी ले ली। इसके बाद आरोपी वर्ष 2017 से पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षाएं पास करवाने के धंधे में उतर गया। इसी साल आरोपी ने आगरा में अपने दोस्त के साथ मिलकर ऑनलाइन परीक्षा करवाने वाला सेंटर खोला। इसके बाद आरोपी ने जयपुर और कोटा में इसी तरह के सेंटर खोले। इनके सेंटर के नकल करवाने का पता चला तो आरोपी के सेंटरों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। इसके बाद वह लगातार दूसरे राज्यों में नाम बदलकर सेंटर खोलता गया।