फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीजी सीट दिलाने के नाम पर 12 से ज्यादा महिला डॉक्टरों से ठगी

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। हैदराबाद में रहकर 12वीं पास एक युवक एम्स की महिला डॉक्टरों को ठग रहा था। आरोपी ने एम्स का सीनियर डॉक्टर होने की फेसबुक पर प्रोफाइल बना रखी थी और महिला डॉक्टरों को एम्स में पीजी सीट दिलाने के नाम पर ठगता था। वह पिछले कई वर्षों में 12 से ज्यादा महिला डॉक्टरों से ठगी कर चुका है। इसने वर्ष 2010 में गुरुग्राम में एक कॉल सेंटर में काम किया था। आरोपी शाहदुजम्मन को दो जनवरी को साकेत के अनुपम से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन

दक्षिण जिला डीसीपी बेनीटा मेरी जैकर के अनुसार, एम्स की एक महिला डॉक्टर ने 21 दिसंबर, 2020 को हौजखास थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह फेसबुक के जरिये आशू विनय नामक युवक के संपर्क में आई। आशू ने खुद को एम्स का सीनियर डॉक्टर बताया था। आरोपी ने एम्स में पीजी सीट दिलाने के नाम पर उससे छह लाख रुपये ठग लिए। पैसे लेने के बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया।
मामला दर्ज कर हौजखास थानाध्यक्ष शिवानी सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर रोहित व एसआई वरुण की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बैंक की डिटेल खंगाली। पता लगा कि पैसे यूपी के मुजफ्फरनगर के गांव कुटेसरा निवासी शाहदुजम्मन के बैंक खाते में गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी का फोन नंबर मिल गया। पता लगा कि आरोपी अपने घर कम ही जाता है।
विज्ञापन

जांच के बाद इंस्पेक्टर रोहित की टीम ने शाहदुजम्मन को दो जनवरी को साकेत के अनुपम से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जब गिरफ्तार किया गया तब वह एक महिला डॉक्टर से ठगी के पैसे लेने आया था। इस महिला डॉक्टर को भी एम्स में पीजी सीट दिलाने का झांसा दिया था। आरोपी ने वर्ष 2015 में फेसबुक पर अपनी फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिला डॉक्टरों को ठगना शुरू किया था।
नियमित रूप से बदलता रहता था मोबाइल नंबर
आरोपी शाहदुजम्मन ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह 3 वर्ष से हैदराबाद, विशाखापत्तनम और अन्य जगहों पर कपड़े विक्रेता के रूप में काम कर रहा था। केवल तभी दिल्ली आता था, जब वह पैसे लेता था। वह नियमित रूप से अपना मोबाइल नंबर बदलता रहता था और कॉल करने के बाद ज्यादातर मोबाइल बंद कर लेता था। आरोपी शाहदुजम्मन द्वारा ठगे गए अन्य पीड़ितों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें