दिल्ली पुलिस जांच में जुटी, जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस स्लीपर बस में 17 साल की किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तह तक जांच करने में जुट गई है। इसके लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज और एक आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन का इस्तेमाल कर बस के पूरे रूट का पता लगा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अगस्त के पहले हफ्ते में हुई इस घटना के मामले में पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस चार अगस्त की रात बस की आवाजाही का पता लगाने के लिए कई जगहों से इकट्ठा की गईं सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, जिसमें कश्मीरी गेट, तिमारपुर पार्किंग और ग्रेटर नोएडा में परी चौक शामिल हैं। एक कैमरे में बस को हनुमान मंदिर फ्लाईओवर पर चढ़ते हुए देखा गया। जांचकर्ताओं का मानना है कि इससे बस के रूट का पता लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बस की आवाजाही का पता लगाने और उन जगहों की पहचान करने के लिए फुटेज का विश्लेषण आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन डेटा के साथ किया जा रहा है, जहां बस यात्रा के दौरान रुकी हो सकती है।
पुलिस ने बताया कि बस को जब्त करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनका पोटेंसी टेस्ट कराया गया। फोरेंसिक जांच के दौरान बस के अंदर लड़की के बाल मिले। जांचकर्ता अब और फोरेंसिक सबूतों के लिए गाड़ी से मिले सीट कवर और दूसरी चीजों की जांच कर रहे हैं। पीड़िता के कपड़े, जिन पर खून और वीर्य के दाग हैं, उन्हें फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है। इनका मिलान दोनों आरोपियों बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के डीएनए सैंपल से किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि पीड़िता के कपड़े, सीट कवर और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मामले के अहम सबूत हैं।
बस में स्लीपर बर्थ के चारों ओर कंपनी के लगाए हुए पर्दे थे, जिनकी वजह से आरोपी बाहर के लोगों से अपनी हरकतें छिपा पाए। ट्रैवल कंपनी ने पहले कहा था कि बस के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे क्योंकि बस की मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस का दावा है कि बस कंपनी ने आरोपियों का वेरिफिकेशन नहीं करवाया था। जांच में पता चला है कि बस अप्रैल में खरीदी गई थी और 28 अप्रैल को फिरोजाबाद में रजिस्टर कराई गई थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस बिना रुके ग्रेटर नोएडा से दिल्ली की ओर कई किलोमीटर तक कैसे चली।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने ग्रेटर नोएडा में बस ड्राइवर और कंडक्टर के नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली और गौतम बुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर और मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जांच की स्थिति और पीड़िता को दिए गए मुआवजे की जानकारी शामिल करने के लिए कहा है।