दोपहर करीब दो बजे दोनों बच्चों को मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया। दोनों की पहचान प्रशांत उर्फ प्रियांशु गुप्ता (9) और सौम्य गुप्ता (12) के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई थे। हादसे के समय उनकी मां आयुशी दोनों को हादसे वाली इमारत के नीचे खड़ा करके सामने सामान लेने गई थी।
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि करीब 80 गज की इमारत 50 वर्ष से अधिक पुरानी थी। इसे 40-40 गज के दो हिस्सों में बांटा गया था। सड़क की ओर के अगले चालिस गज के हिस्से में दो दुकानें बनी हुई थीं। पीछे वाले चालिस गज के हिस्से में सत्या देवी और उसका बेटा अजय अनेजा अपने परिवारों के साथ रहता हैं। दोनों ही हिस्से ग्राउंड व तीन फ्लोर बना है।
कुछ समय पूर्व अगले हिस्से के ग्राउंड फ्लोर को परिवार ने राजेंद्र अरोड़ा नामक शख्स को बेच दिया था। राजेंद्र कुछ दिनों से इसमें मरम्मत कार्य करवा रहा था। नीचे दुकान के फर्श को हिल्टी वायब्रेशन (कंपन मशीन) मशीन से तोड़ा जा रहा था। उसकी वजह से बिल्डिंग हिल रही थी।
मरम्मत के दौरान अचानक इमारत का अगला 40 गज वाला हिस्सा गिर गया। नीचे पान की दुकान चलाने वाले रामजी दास व दोनों बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। अभी मलबे में कुछ और मजदूरों के दबे होने का दावा किया जा रहा है। देर शाम तक बचाव दल के अलावा जेसीबी की सात गाड़ियां मलबे हटाने में जुटी थीं। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल था। हादसे में रामजी लाल के अलावा चार अन्य लोगों को मामूली चोट लगी हैं। फिलहाल अहतियात के तौर पर आसपास की कुछ इमारतों को खाली करवा लिया गया।
- नौ फरवरी : दिल्ली के सदर बाजार में बिल्डिंग गिरने से पांच लोग मलबे में दबे थे और उनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हुए थे।
- 30 जून : दिल्ली के द्वारका में डीडीए की निर्माणाधीन इमारत से तीन मजदूरों की मौत हुई थी और एक मजदूर घायल हुआ था।
- सात अगस्त : उत्तर पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में दो मंजिला इमारत गिरने से सड़क पर चल रहे एक व्यक्ति की मौत हुई थी और तीन लोग घायल हो गए थे।
- 11 सितंबर : दिल्ली के बेगमपुर इलाके की जैन नगर कालोनी में बिल्डिंग गिरी, इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ था।
- 13 सितंबर : सब्जी मंडी इलाके में में बिल्डिंग गिरी, दो बच्चों की मौत हुई।