दिल्ली में पिछले तीन सप्ताह से मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से कई लोगों की मौत तक हो चुकी है। अब दूरदर्शन की पूर्व महानिदेशक अर्चना दत्ता ने खुलासा किया है कि उनकी मां और पति की मौत इलाज न मिलने से हुई है।
दिल्ली में पिछले तीन सप्ताह से मरीजों को सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से कई लोगों की मौत तक हो चुकी है। अब दूरदर्शन की पूर्व महानिदेशक अर्चना दत्ता ने खुलासा किया है कि उनकी मां और पति की मौत इलाज न मिलने से हुई है। गौर करने वाली बात है कि दोनों लोगों की मौत के बाद उन्हें पता चला कि वे कोरोना संक्रमित थे।
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मंगलवार को उन्होंने अपनी पूरी आपबीती सोशल मीडिया पर लिखते हुए कहा कि समय पर अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए उन्होंने काफी कोशिशें की लेकिन एक घंटे के अंतराल में उन्होंने अपनी मां और पति को खो दिया। 27 अप्रैल को मालवीय नगर के सरकारी अस्पताल में उनकी मृत्यु के बाद बताया कि ये दोनों ही मामले कोरोना संक्रमित थे।
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के कार्यकाल में राष्ट्रपति प्रवक्ता रह चुकीं दत्ता ने कहा, मेरे जैसे कई लोगों ने शायद ही सोचा था कि यह उनके साथ नहीं हो सकता है लेकिन ऐसा हुआ। मेरी मां और पति दोनों की मृत्यु बिना किसी उपचार के हुई। हम उन सभी शीर्ष दिल्ली अस्पतालों में पहुंच पाने में असफल रहे, जहां हम जाते थे। उनकी मृत्यु के बाद अस्पताल वालों ने कोरोना संक्रमण घोषित किया।
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इनके पति एआर दत्ता रक्षा मंत्रालय के प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक रह चुके थे। जबकि उनकी मां बानी मुखर्जी 88 वर्ष की थीं। एक सप्ताह बाद इनका पूरा परिवार कोरोना संक्रमित मिला है। बेटा अभिषेक अपने पिता और दादी की मौत से सदमे में है। अभिषेक ने बताया कि वह अपने पिता और दादी को लेकर अस्पतालों में चक्कर लगाते रहे लेकिन कहीं उपचार नहीं मिला। आखिर में जब मालवीय नगर अस्पताल पहुंचे तब तक काफी देर हो चुकी थी। साल 2014 में दूरदर्शन में महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त अर्चना दत्ता की तरह दिल्ली के ऐसे कई परिवारों की आपबीती सामने आ चुकी है जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को उपचार न मिलने की वजह से खो दिया।