नई दिल्ली। रोहतक के अखाड़े में मुख्य कोच मनोज मलिक सहित पांच लोगों की हत्या करने वाले सुखविंदर ने खुलासा किया है कि कुश्ती सीख रहे शिष्यों के सामने अपमान से वह गुस्से में था। उसे शक था कि मेहनत से खड़े किए गए अखाड़े से उसे निकालने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। इसी कारण उसने वारदात की।
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में सुखविंदर ने बताया कि साजिश के कारण वह इतना परेशान था कि अवसाद में चला गया। दिल्ली पुलिस ने उसे अदालत में पेश करने के बाद तिहाड़ जेल भेज दिया। सोमवार को रोहतक पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए उसे अदालत के जरिये अपनी सुपुर्दगी में ले लिया।
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को समयपुर बादली इलाके में कार से घूम रहे सुखविंदर को गिरफ्तार किया था। उसके पास से पिस्टल और पांच कारतूस मिले। पूछताछ में उसने बताया कि एक दिन पहले ही उसने रोहतक के जाट कॉलेज अखाड़े के मुख्य कोच, उनकी पत्नी समेत पांच लोगों की हत्या की थी। पुलिस ने उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला दर्ज कर रोहतक पुलिस को इसकी सूचना दी।
दिल्ली पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सुखविंदर ने बताया कि उसका जाट कॉलेज अखाड़े के मुख्य कोच मनोज से विवाद था। मनोज उसे वहां से हटवाना चाहता था। इसके लिए वह उस पर कई तरह के आरोप लगवा रहा था। वह कुश्ती सीखने आने वाले बच्चों के सामने उसका अपमान करता था। इसकी वजह से वह अवसाद में चला गया था।
सुखविंदर के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसकी मनोज से इसी बात पर कहासुनी हो गई थी। उसने मनोज को अपना रवैया बदलने की सलाह दी थी। ऐसा न करने पर उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। सुखविंदर ने बताया कि मनोज को उसके पास हथियार होने की जानकारी थी। इसके बावजूद वह अपनी हरकतों में बदलाव नहीं कर रहा था। इसी कारण उसने हत्या डाली।