जानकारी के मुताबिक, वित्तवर्ष 2020-21 के पहले 2 महीनों में 4965 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2021-22 में खर्च बढ़कर 8511 करोड़ हो चुका है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उसके खर्चों में 80 फीसदी की वृद्धि हुई है।
कोरोना के कारण आम आदमी को ही नहीं, आम आदमी पार्टी की सरकार को भी भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। खबर है कि कोरोना काल के कारण ठप पड़ी आर्थिक गतिविधयों के कारण दिल्ली सरकार की आय में भी भारी कमी हुई है, जिसके कारण उसे अपने खर्चों में कटौती करने के आदेश जारी करने पड़े हैं। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरूवार को सरकार के गैर-जरूरी सरकारी खर्च को कम करने का जारी किया।
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जानकारी के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सरकार को 3237 करोड़ रुपये का कम राजस्व प्राप्त हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उसके खर्चों में 80 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसके कारण उसकी कई योजनाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है। लेकिन सरकार किसी भी कल्याणकारी योजना को रोकने की बजाय अपने खर्चों को कम करने की रणनीति पर काम कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, वित्तवर्ष 2020-21 के पहले 2 महीनों में 4965 करोड़ की तुलना में वित्त वर्ष 2021-22 में खर्च बढ़कर 8511 करोड़ हो चुका है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उसके खर्चों में 80 फीसदी की वृद्धि हुई है। चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों के दौरान दिल्ली की राजस्व प्राप्तियां 5,273.26 करोड़ रुपये रही हैं, जबकि खर्च 8,511.09 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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इन दो महीनों में दिल्ली ने अपनी प्राप्तियों से 3,237.83 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए हैं। वित्तवर्ष 2019-20 के दौरान पहले 2 महीनों में सरकार का खर्च 4705.14 करोड़ था, जबकि वित्त वर्ष 2020-21 में ये खर्च बढ़कर 4965.5 करोड़ हो गया। कोरोना महामारी के कारण खर्चे तेजी से बढ़कर चालू वित्त वर्ष में 8511.09 करोड़ पहुंच गया है।