उप-राज्यपाल अनिल बैजल के अभिभाषण के साथ सोमवार को दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई। 16 मार्च तक चलने वाले सत्र के पहले दिन उपराज्यपाल शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, प्रदूषण और समाज कल्याण के क्षेत्र में दिल्ली सरकार के कल्याणकारी कदमों की सराहना करते हुए भविष्य का खाका पेश किया।
उपराज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बिजली-पानी, समाज कल्याण के क्षेत्र में सरकार के कार्यों को गिनाया और कहा कि इनका दिल्लीवालों को सीधा फायदा मिला है। बैजल ने कहा कि कोविड-19 ने दिल्ली के नागरिकों के जीवन के हर पहलू पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। बावजूद इसके उनकी सरकार ने केंद्र के साथ मिलकर दिल्लवासियों के जीवन की सुरक्षा के लिए इलाज सुनिश्चित करने के सभी संसाधन जुटाए।
बैजल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के सकल घरेलू उत्पाद में स्थिर कीमतों पर 5.68 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है। इस गिरावट के बावजूद दिल्ली के नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने के लिए सरकार ने बिजली सब्सिडी, मुफ्त पानी, महिलाओं व छात्रों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी। कोरोना महामारी के दौरान 71 लाख लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराया। दिल्ली में पहला प्लाज्मा बैंक स्थापित किया और मेडिकल सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या में वृद्धि की गई।
युवाओं के लिए ‘रोजगार बाजार’
उपराज्यपाल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आई आर्थिक गिरावट के कारण बड़े पैमाने पर रोजगार चला गया। इस कठिनाई को कम करने के लिए सरकार ने नौकरी चाहने वालों और नौकरी देने वालों के बीच संपर्क और सामंजस्य बैठाया। इसके लिए एक वेब पोर्टल ‘रोजगार बाजार’ शुरू किया। सरकार की इस पहल का बेहतर परिणाम आया। युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए कौशल व उद्यमिता यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई।
समावेशी विकास के लिए सरकार ने शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया। बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ ही उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के प्रयास हुए। पिछले वित्त वर्ष में सरकारी स्कलों में 12वीं कक्षा में पास होने वाले बच्चों की संख्या 97.92 प्रतिशत रही। वहीं 10वीं कक्षा में पास प्रतिशत 82.61 प्रतिशत रहा। इसरो द्वारा साइबर स्पेस निबंध प्रतियोगिता में दिल्ली के स्कूलों के दो छात्र चयनित हुए। कोविड के बावजूद पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों को पाठ्यपुस्तकें दी गईं। नेताजी सुभाष टेक्निकल यूनिवर्सिटी का विस्तार करने के लिए गीता कॉलोनी व बह्म प्रकाश इंजीनियरिंग कॉलेज, जाफरपुर आईटी कॉलेज का विलय करने का निर्णय लिया गया। जयभीम योजना के तहत विद्यार्थियों के लिए निजी कोचिंग की सुविधा दी गई।
श्रमिकों के कल्याण के लिए 44 श्रम कानून
श्रमिकों के कल्याण के लिए 44 श्रम कानून लागू किए गए। मौजूदा पारिश्रमिक न्यूनतम दर को देश की तुलना में सबसे अधिक किया गया है। बेघर लोगों को आश्रय दिया गया, वहीं दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड ने बहुमंजिला रिहायशी मकानों का निर्माण शुरू किया है।
यमुना के पानी की गुणवत्ता व कचरे से बिजली
यमुना के पानी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नई तकनीक अपना कर एसटीपी लगाया जा रहा है। एसटीपी को स्व वित्त पाषित बनाने के लिए सरकार की कचरे से बिजली पैदा कराने की योजना है। दिल्ली जलबोर्ड रिठाला, कोंडली और ओखला में एसटीपी पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है। इसके तहत 35 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा रही है।
प्रदूषण के मुद्दे पर बैजल ने कहा कि इसकी रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिसपॉन्स एक्शन प्लान के तहत कई प्रावधान लागू किए गए। पराली से प्रदूषण रोकने के लिए पूसा वैज्ञानिकों के साथ मिलकर बायो डिकम्पोजर तकनीक लागू की गई, वहीं वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए ‘रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ’ अभियान की शुरुआत की गई। प्रदूषण नियमों के उल्लंघन की शिकायत के लिए ग्रीन वार रूम शुरू किया गया।
सार्वजनिक परिवहन के लिए दो हजार बसें
बैजल ने कहा कि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए दो हजार बसों की खरीदारी होगी। इनमें 1000 लो फ्लोर बस व 1000 बिजली चलित बसें शामिल हैं। दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति अधिसूचित की गई है। परिवहन व्यवस्था बेहतर करने के लिए बारापुला नाले पर सराय कॉले खां से मयूर विहार फेज-3 तक एलिवेटेड रोड निर्माण जारी है। प्रगति मैदान के अंदर और आसपास इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। मेट्रो फेज-3 के तहत मयूर विहार पॉकेट-1 से त्रिलोकपुरी तक का ट्रैक इसी महीने तैयार करने का लक्ष्य है। ढांसा बस स्टेंड तक इसका विस्तार सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। शास्त्री पार्क और सीलमपुर में फ्लाईओवर आम लोगों के लिए शुरू कर दिय गया है।
कोरोना से बेहतर तरीके से निपटा
दिल्ली सरकार ने इक्कीसवी सदी के सबसे बड़े खतरे कोरोना से बेहतर तरीके निपटा। रोगियों का इलाज सुनिश्चित करने के लिए सभी संसाधन जुटाए गए। कोरोना परीक्षण की क्षमता बढ़ाई गई और होम क्वारंटीन लोगों की दैनिक निगरानी के साथ ही पल्स ऑक्सिमीटर दिया गया। टेली कॉलिंग से डॉक्टरों से परामर्श की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही कंटनेमेंट जोन में आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई गई। जरूरतमंद लोग जो संक्रमित थे, उनके लिए निशुल्क प्लाज्मा की व्यवस्था की गई। कर्तव्य को सर्वोपरि मानने वाले कोरोना योद्धाओं के आश्रितों को एक करोड़ की अनुग्रह राशि दी गई।