पंजाब के आठ लोकसभा सांसदों ने व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से प्राइवेट मेंबर बिल सदन में पेश किया और तीनों कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग की।
हिंसा का आरोपी दीप सिद्धू गिरफ्तार
दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। सिद्धू 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान लालकिले पर हुई हिंसा मामले के मुख्य आरोपी में से एक है। कई दिनों तक फरार रहने के बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस उसकी गिरफ्तारी को लेकर प्रेस कांफ्रेंस कर रही है।
दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर आज भी बंद
किसान आंदोलन के चलते आज भी सिंघु, टीकरी और गाजीपुर समेत कुछ छोटे-छोटे बॉर्डर बंद हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी है।
कोहरे और ठंड के बाद भी जारी है आंदोलन
दिल्ली में आज सुबह सिंघु बॉर्डर पर घना कोहरा छाया रहा और ठंड भी रही लेकिन इन सबके बावजूद किसान आंदोलन में डटे हुए हैं।
फिर एकजुट हो रहे हैं संगठन
किसान आंदोलन को नई रफ्तार देने के किए सभी संगठन अब फिर से एकजुट होने लगे हैं। ट्रैक्टर रैली के बाद अलग-अलग विचारधारा को मानने वाले संगठन गुटों में बंट गए थे। वहीं खबर है कि बुधवार को संयुक्त मोर्चा की अहम बैठक होगी।
राशन लेकर बागपत से पहुंचे सैकड़ों किसान- आंदोलनकारियों के साथ करेंगे आवाज बुलंद
गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के लिए सोमवार को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से सैकड़ों किसान राशन आदि सामग्री लेकर गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जबतक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, वे पीछे नहीं हटेंगे। 84 खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह और रालोद नेता विश्वास चौधरी के नेतृत्व में किसान गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। विश्वास चौधरी ने बताया कि बागपत जिले से किसान गाजीपुर बॉर्डर पर अलग-अलग पाली के हिसाब से पहुंच रहे हैं। उनके गांव रंछाड के लोग यह तय करके पहुंचे हैं कि वह दो दिन धरना स्थल पर रहकर किसानों की सेवा करेंगे। इसके बाद वह लौट जाएंगे और खेती बाड़ी का काम करेंगे। फिर दूसरी पाली के लोग यहां आएंगे। रोजाना इस तरह ही आवागमन लगा रहेगा।
गांव गांव जुटाया जा रहा है जनसमर्थन
आंदोलन को मजबूत करने के लिए गांव गांव किसानों के अलावा अन्य वर्गों के लोगों का भी समर्थन जुटाया जा रहा है। विश्वास चौधरी ने बताया कि ज्यादातर लोग किसानों के हित में है और वह आंदोलन स्थलों पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून निरस्त कराकर और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के बाद ही आंदोलन खत्म होगा।