किसान नेता युधवीर सिंह ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने 26 जनवरी को रिंग रोड के बजाय ट्रैक्टर परेड के लिए बाहरी दिल्ली में तीन अलग-अलग मार्गों का सुझाव दिया है। हमने कहा कि हम समिति में एक सामूहिक निर्णय लेंगे। हम कल दोपहर एक बजे पुलिस अधिकारियों से फिर से मिलेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने कहा कि आज वार्ता को पूरा करते हैं आप लोग अगर निर्णय पर पहुंच सकते हैं तो आप लोग कल अपना मत बताइए। निर्णय घोषित करने पर आपकी सूचना पर हम कहीं भी इकट्ठा हो सकते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने किसान यूनियन को कहा कि जो प्रस्ताव आपको दिया है एक से डेढ़ वर्ष तक क़ानून को स्थगित करके समिति बनाकर आंदोलन में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने का प्रस्ताव बेहतर है, उसपर फिर से विचार करें।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार की कोशिश थी कि वो सही रास्ते पर विचार करें जिसके लिए 11 दौर की वार्ता की गई। परन्तु किसान यूनियन क़ानून वापसी पर अड़ी रही। सरकार ने एक के बाद एक प्रस्ताव दिए। परन्तु जब आंदोलन की पवित्रता नष्ट हो जाती है तो निर्णय नहीं होता।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान लगातार ये कोशिश हुई कि जनता के बीच और किसानों के बीच गलतफहमियां फैलें। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग जो हर अच्छे काम का विरोध करने के आदि हो चुके हैं, वे किसानों के कंधे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर सकें।
किसान यूनियनों के साथ 11वें दौर की वार्ता के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार PM मोदी जी के नेतृत्व में किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और रहेगी। विशेष रूप से पंजाब के किसान और कुछ राज्यों के किसान कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की तरफ से कहा गया कि 1.5 साल की जगह 2 साल तक कृषि क़ानूनों को स्थगित करके चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा अगर इस प्रस्ताव पर किसान तैयार हैं तो कल फिर से बात की जा सकती है, कोई अन्य प्रस्ताव सरकार ने नहीं दिया।
सरकार के साथ 11वें दौर की वार्ता के बाद किसान नेता ने कहा कि सरकार द्वारा जो प्रस्ताव दिया गया था वो हमने स्वीकार नहीं किया। कृषि क़ानूनों को वापस लेने की बात को सरकार ने स्वीकार नहीं की। अगली बैठक के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है।
किसान मजदूर संघर्ष समिति के एसएस पंधेर ने कहा कि मंत्री ने हमें साढ़े तीन घंटे इंतजार करवाया। यह किसानों का अपमान है। जब वह आए, तो उन्होंने हमसे सरकार के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कहा।
एक किसान नेता ने बताया कि, सरकार ने आज ये प्रस्ताव भी दिया कि हम एक कमेटी कृषि कानून पर बना देते हैं और एक कमेटी एमएसपी पर बना देते हैं। दोनों समितियां अपनी रिपोर्ट देंगी और हम डेढ़ की बजाय दो साल के लिए कानूनों पर रोक लगा देते हैं। लेकिन सरकार ने पहले बनाई गई किसी समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया तो हम कैसे मान लें इन समितियों की सिफारिश सरकार मानेगी।
बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बैठक के बाद कहा कि, सरकार की तरफ से कहा गया कि डेढ़ साल की जगह दो साल तक कृषि कानूनों को स्थगित करके चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा अगर इस प्रस्ताव पर किसान तैयार हैं तो कल फिर से बात की जा सकती है, कोई अन्य प्रस्ताव सरकार ने नहीं दिया।
भारतीय किसान यूनियन क्रांतिकारी(पंजाब) के नेता सुरजीत सिंह फुल ने कहा कि 11वें दौर की बैठक खत्म हो गई है और सरकार द्वारा अगली बैठक के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है।
शिव कुमार कक्का ने बताया कि लंच ब्रेक से पहले किसान नेताओं ने अपनी मांग रखी। सरकार ने कहा कि वह संशोधन के लिए तैयार है। मंत्री ने हमें कहा कि आप सरकार के प्रस्ताव पर विचार करें और हमने उनसे हमारे प्रस्ताव पर विचार के लिए कहा। इसके बाद मंत्री बैठक से निकल गए। इसके बाद से ही किसान नेता मंत्री के लौटने का इंतजार करते रहे।
बैठक खत्म हो जाने के बाद भी किसान नेता विज्ञान भवन से अब तक बाहर नहीं निकले हैं।
किसान यूनियन के कुछ नेताओं का आज जन्मदिन है। इसी को विज्ञान भवन के बाहर केक काटकर मनाया गया।
चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने आज 26 जनवरी का अभ्यास किया। जब ट्रैक्टर रैली निकलेगी तो किसान कैसा सुरक्षा घेरा बनाएंगे इसका अभ्यास किया गया। तस्वीर में देखें...
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज की बैठक शुरू होने के बाद किसानों से नाराजगी जताई कि आखिर उसके द्वारा दिए गए पिछले बैठक के प्रस्ताव को किसानों ने मीडिया में क्यों साझा किया। इसके साथ ही कृषि मंत्री ने ये भी कहा कि प्रस्ताव पर आपके निर्णय के बारे में आपने मीडिया को पहले क्यों बताया, आपको इसके बारे में आज की बैठक में बताना था।
किसानों के साथ बैठक में सरकार ने एक बार फिर अपील की है कि अन्नदाता उनके प्रस्ताव पर विचार करें। बताया जा रहा है कि अभी बैठक में भोजनावकाश हुआ है, ऐसे में किसान संगठन इस प्रस्ताव पर फिर चर्चा कर सकते हैं।
किसान नेताओं और सरकार के बीच विज्ञान भवन में 11वें दौर की बैठक शुरू हो चुकी है।
किसानों के बाद अब कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं और अब कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच 11वें दौर की वार्ता शुरू होगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अपने आवास से विज्ञान भवन के लिए रवाना हो गए हैं। जहां वह किसान नेताओं के साथ 11वें दौर की बैठक करेंगे।
किसानों और केंद्र सरकार के बीच आज होने वाली 11वें दौर की वार्ता के लिए किसान नेता विज्ञान भवन पहुंचे।
दो बसों में सवार होकर किसान नेता सरकार के साथ बैठक के लिए निकल गए हैं। विज्ञान भवन में सरकार और किसान नेताओं की 11वें दौर की बैठक होनी है।
दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाली सरकार और किसानों की बैठक से पहले किसान मजदूर संघर्ष समिति के एसएस पंधेर ने कहा कि सरकार ने हमारी तरफ मिठाई में छिपाकर जहर का जाल फेंका था। वह चाहते हैं कि हम किसी भी तरह अपना आंदोलन खत्म कर दें। हमारी मीटिंग में कल एकमत से निश्चित किया गया कि सरकार का प्रस्ताव ठुकराया जाए। आज की बैठक में हम एमएसपी पर कानून और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग रखेंगे।