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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बोले किसान नेता-समिति के सभी सदस्य सरकार के साथ हैं, सामने नहीं जाएंगे

Tue, 12 Jan 2021 06:18 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 48वां दिन है। आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई की वजह से आंदोलन का खास दिन था। आज सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कमेटी बनाने का फैसला किया है जो दो महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की कमेटी बनाई है जो कृषि कानूनों के फायदे और नुकसान समेत तमाम पहलुओं पर अध्ययन करेगी। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई अब दो महीने बाद होगी और कमेटी को अदालत ने 10 दिन के अंदर पहली बैठक करने को कहा है। अदालत के इस फैसले के बाद किसान संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वह किसी कमेटी के सामने पेश नहीं होंगे। यह सरकार की शरारत है, इस कमेटी में सभी सदस्य सरकार के पक्ष वाले हैं। आगे पढ़ें और किसानों ने क्या-क्या कहा है.....
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Farmers protest - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- किसी कमेटी के सामने पेश नहीं होंगे
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सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाने का आदेश दिया है उसके बाद आज दोपहर में किसान संगठनों ने बैठक की और फिर शाम को करीब 5.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई एलान किए। किसान संगठनों का कहना है कि वह किसी भी कमेटी के सामने पेश नहीं होंगे। उन्होंने सरकार के कमेटी बनाने के पेशकश को भी ठुकरा दिया था। किसान नेताओं ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है उसके सदस्य सरकार के पक्ष वाले हैं। उन्होंने ये भी कहा कि अगर आप बीते 10 दिन के अखबार उठाकर देख लेंगे तो आपको इन चारों के कानून के समर्थन में लिखे लेख मिल जाएंगे। यह सरकार की शरारत है। वह कमेटी के जरिए हमारे आंदोलन को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। एक किसान नेता ने तो ये भी कहा कि अगर अदालत कमेटी के सदस्यों को बदल भी दे तब भी वो कमेटी के सामने पेश नहीं होंगे।
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किसानों ने जताया सुप्रीम कोर्ट का आभार
किसान नेताओं ने भले ही कमेटी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है लेकिन उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हैं कि उसने किसानों की तकलीफ समझी और हल निकालने की पहल की। कोर्ट ने हमें प्रदर्शन करने की इजाजत दी, जिसका धन्यवाद।
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आगे पढ़ें किस किसान नेता ने क्या कहा-
डॉ दर्शनपाल सिंह :-
- आज हमने पंजाब किसान संगठनों के साथ बैठक की 
- कल हम पूरे संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक करेंगे
- कल हमने प्रेस नोट में बताया था कि अगर सुप्रीम कोर्ट कोई कमेटी बनाएगा तो हमें मंज़ूर नहीं है
- हमें लगता है कि जो सरकार नहीं कर पाई वो सुप्रीम कोर्ट के जरिए करा रही है


बलबीर सिंह राजेवाल:-
- हमें लगता है कि ये सरकार की ये शरारत है कि सुप्रीम कोर्ट के जरिए ये कमेटी ले आए
-कमेटी के सारे सदस्य सरकार को सही ठहराते रहे हैं 
- ये लोग प्रेस में आर्टिकल लिख कर कानूनों को सही ठहराते रहे हैं 
-तो ऐसी कमेटी के सामने क्या बोलें 
- हमारा ये आंदोलन चलता रहेगा, कल को ये कमेटी के लोग बदल भी दें तो भी हम कमेटी के सामने नहीं जाएंगे 
- हमारा ये संघर्ष अनिश्चित है 
- हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलाते रहेंगे

रमिंदर पटियाला:-
- इस तरह की बात प्रोजेक्ट हो रही है कि हम लाल किले पर झंडा फैराएंगे, ऐसा नहीं होगा
- हमारा 26 जनवरी का मार्च ऐतिहासिक होगा

राजेवालः-
- हमारा 26 जनवरी का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा 
- ये भ्रम फैलया जा रहा है कि हमें लाल किले को फतेह करना है, संसद पर कब्जा करना है ऐसा संयुक्त किसान मोर्चा ने नहीं कहा है
- हम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेंगे 
- हम 15 तारीख को बताएंगे अपना 26 जनवरी का कार्यक्रम

 
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