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Kisan Andolan: आज भी सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर बंद, 12-18 फरवरी तक का बनाया प्लान

Thu, 11 Feb 2021 06:02 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन 75 से भी ज्यादा दिन से चल रहा है। तमाम परेशानियों के बाद भी किसान डटे हुए हैं और अपने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बना रहे हैं। इसके तहत 12 से 18 फरवरी तक अलग-अलग मुहिम छेड़ी जाएगी। वहीं पंचायतों के जरिए भी आंदोलन तेज किए जा रहा है। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स....
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गाजीपुर बॉर्डर पर गुरुवार दिन का हाल - फोटो : अमर उजाला
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100 साल के सौरन सिंह पहुंचे गाजीपुर बॉर्डर, आजाद हिंद फौज में दे चुके हैं सेवा
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100 साल के किसान सौरन सिंह आंदोलनकारियों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। सौरन सिंह ने बताया कि सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में उन्होंने कई साल सेवा दी है।

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12 फरवरी को उधम सिंह नगर से कूच करेंगे हजारों किसान
यूपी गेट पर किसान आंदोलन को 77 दिन बीतने के बाद भी किसानों की संख्या बनी हुई है। गुरुवार को मंच से तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क और प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि  12 फरवरी को उधम सिंह नगर से हजारों किसान यूपी गेट के लिए कूच करेंगे। यह सभी हफ्ते दर हफ्ते यूपी गेट पर रुकने के लिए पहुंचेंगे। इस दौरान तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि 14 फरवरी को पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए और जान गंवाने वाले किसानों को याद करने के लिए कैंडल मार्च शाम 7:00 बजे से 8:00 बजे के दौरान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि 16 तारीख को सर छोटू राम की जयंती और फिर अट्ठारह को पूरे देश में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।

किसान आंदोलन तेज करने के लिए बना रहे रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेशक किसानों को नए सिरे से किसानों को बातचीत का बुधवार को लोक सभा में न्योता दिया है, लेकिन किसान अपना आंदोलन तेज करने जा रहे हैं। चक्का जाम के बाद अब दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत किसानों ने रेल रोको अभियान का एलान किया है। 18 फरवरी को पूरे देश में किसान रेल का संचालन ठप करेंगे। वहीं, 12 फरवरी से किसानों की आंदोलन को धार देने की कवायद शुरू होगी।इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा की बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर बैठक हुई। इसमें अब तक आंदोलन की समीक्षा करने के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। सभी किसान संगठन केंद्र सरकार के वायदों के बावजूद अपने आंदोलन को तेज करने को राजी थे। इसके लिए रेल रोकने के प्रस्ताव को कारगर माना गया। किसान नेताओं का मानना था कि सड़क रोकने के बाद अब अपने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने के लिए रेलवे के पहिए को ठप करने की जरूरत है।

अंदोलन को तेज करने के लिए गए फैसले
. 12 फरवरी से राजस्थान के भी सभी रोड टोल प्लाजा को टोल मुक्त करवाया जाएगा।
. 14 फरवरी को पुलवामा हमले में शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए देशभर में कैंडल मार्च व मशाल जुलूस व अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
. 16 फरवरी को किसान मसीहा सर छोटूराम की जयंती के दिन देशभर में किसान एकजुटता दिखाएंगे।
. 18 फरवरी को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक देशभर में रेल रोको कार्यक्रम किया जाएगा।
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