राजधानी दिल्ली के वसंत विहार में बुधवार बाजार में दुकान लगाकर रात 12 बजे के बाद जब विष्णु साहू घर पहुंचे तो उन्होंने पहले पत्नी को आवाज लगाई। कोई जवाब न मिलने पर बेटे खुशहाल को आवाज दी।
राजधानी दिल्ली के वसंत विहार में बुधवार बाजार में दुकान लगाकर रात 12 बजे के बाद जब विष्णु साहू घर पहुंचे तो उन्होंने पहले पत्नी को आवाज लगाई। कोई जवाब न मिलने पर बेटे खुशहाल को आवाज दी। इसके बाद देखा कि कुंडी बाहर से लगी है। कुंडी खोलकर वह अंदर गए तो उनके होश उड़ गए।
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दोनों मां-बेटे का शव रसोई के पास लहुलूहान पड़ा था। बेटे का शव मां के पैरों में पड़ा हुआ था। संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि क्राइम सीन को देखने से लगता है कि पहले शारदा की हत्या की गई है।
ये नजारा देखकर विष्णु ने गली नंबर 10 में रहने वाली बहन गुड़िया को फोन कर सब बताया। वह तुरंत विष्णु के पास आई और 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना देने की कोशिश की। मौके पर मिले व तुगलकबाद में रहने वाले विष्णु के भाई दिनेश ने बताया कि जब 100 पर फोन नहीं लगा तो उसकी बहन भागती हुई गोविंदपुरी के मेन रोड पर गईं। यहां पर गुड़िया को एक पीसीआर वैन मिली। गुड़िया ने सारी बात पीसीआर कर्मियों को बताई, मगर पीसीआर कर्मी मौके पर नहीं गए। इसके बाद पीड़ित परिवार के परिजन गोविंदपुरी थाने में गए।
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यहां पर परिजन काफी देर तक पुलिस से गुहार लगाते रहे। भाई दिनेश ने बताया कि जब गोविंदपुरी थाने में परिजन वीडियो बनाने लगे तब जाकर गोविंदपुरी थाना पुलिस हरकत में आई। परिजनों ने सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। विष्णु के दूसरे बड़े भाई व संगम विहार में रह रहे सुरेश ने बताया कि उनके परिवार व उनके भाई की किसी से रंजिश नहीं है।