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फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश: दिल्ली पुलिस ने 21 को किया गिरफ्तार, ब्रिटिश नागरिकों को ऐसे लगाते थे चूना

Sun, 06 Jun 2021 04:44 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि नारायणा थाना प्रभारी को सूचना मिली कि नारायणा औद्योगिक इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है, जो विशेषकर यूके के नागरिकों के साथ ठगी करता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नारायणा थाना पुलिस ने इलाके में चल रहे एक अंतर्राष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने कॉल सेंटर में काम करने वाले 21 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी टैक्स ऑडिट के नाम पर यूके के नागरिकों को ठग रहे थे। इनके कब्जे से 34 हाईटेक कम्प्यूटर, राउटर, मोबाइल फोन, वाईफाई राउटर और यूके के इनकम टैक्स देने वाले लाखों लोगों के डाटा मिले हैं।

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जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि नारायणा थाना प्रभारी को सूचना मिली कि नारायणा औद्योगिक इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है, जो विशेषकर यूके के नागरिकों के साथ ठगी करता है। यूके के नागरिकों को इनकम टैक्स ऑडिट के नाम पर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने उक्त पते पर छापा मारा। जहां काम कर रहे 21 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसमें एक फ्लोर मैनेजर, दो सुपरवाइजर, चार क्लोजर और चौदह एजेंट शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश, आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

शुरुआती छानबीन से पता चला है कि कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारी यूके के नागरिकों को फोन करते थे। आरोपी खुद को मेजेस्टी रेवन्यू एवं कस्टम का अधिकारी बताते थे और उन्हें इनकम टैक्स में फर्जीवाड़ा और सरकारी नियम का उल्लंघन करने की बात कहकर उनसे ठगी करते थे। इनके पास से फर्जी बैंक खाते मिले हैं जिसमें करोड़ों का लेन-देन हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की छानबीन की जा रही है। इस कॉल सेंटर को कौन चलाता था इसके बारे में भी जानकारी हासिल की जा रही है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को अच्छे वेतन पर रखा गया था।
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फर्जीवाड़ा करने वालों का विदेशी संपर्क की संभावना
नारायणा थाना पुलिस गिरफ्तार आरोपियों और कॉल सेंटर से मिले साक्ष्य के आधार पर आशंका जताई है कि इन जालसाजों का विदेशियों से संपर्क है, जिसके आधार पर आरोपी विदेशियों का डाटा मंगवाते हैं। इसके अलावा महंगे साफ्टवेयर और विदेशी भुगतान वाला गेटवे का इस्तेमाल भी कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से मिले मोबाइल फोन, उनके खातों में की गई लेन-देन के आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इसमें शामिल लोगों और उनके सांठगांठ का खुलासा किया जा सके।

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