कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन की मांग भी लगातर बढ़ रही है। होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे कई लोगों ने इस समय अपने घरों में ऑक्सीजन के सिलिंडर रखे हुए हैं। इसके खत्म होने पर दिन-रात कतारों में खडे होकर लोग इन्हें भरवा रहे हैं।
ऐसे में सिलेंडर लाते-ले जाते और उसे भरवाते वक्त कई सावधानियों को बरतने की जरूरत है। थोड़ी से लापरवाही भी घातक साबित हो सकती है। ऑक्सीजन खत्म होने पर इसे बार-बार भरवाने के लिए रिफिल करना जरूरी होता है। यही वजह है कि इसमें रिसाव की संभावना होती है और किसी अनहोनी के चलते इसमें आग भी लग सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कभी भी क्षतिग्रस्त ऑक्सीजन सिलिंडर न लें। साथ ही अगर रिफिल करते समय सिलिंडर में गैस का रिसाव हो रहा है तो तुरंत उसका प्रयोग बंद कर दें। ध्यान दें कि जहां ऑक्सीजन का सिलिंडर रखा है, वहां कोई भी ज्वलनशील वस्तु न रखी हो। साथ ही सिलिंडर को लाते-ले जाते समय उसको जमीन पर न पटकें।
एम्स के डॉक्टर विक्रम बताते हैं कि कभी भी ऑक्सीजन का स्तर 100% न होने दें, इसे हमेशा 92 और 94 तक ही सीमित रखें। ऑक्सीजन का स्तर इससे ऊपर रखने से भी कोई लाभ नहीं होगा। क्योंकि जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन देने पर मरीज बीमार भी हो सकते हैं। वहीं, जिन मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 92 या 94 के बीच है, उन्हें इससे ज्यादा ऑक्सीजन लेने की आवश्यकता नहीं है। जब रक्त में ऑक्सीजन का स्तर 94% से कम हो गया हो, तभी ऑक्सीजन की जरूरत है।