पर्यावरण को सुरक्षित रखने में बच्चों की बराबर भागीदारी हो, दिल्ली नगर निगम ने कुछ ऐसा विधान बनाया है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर निगम के सभी विद्यालयों में पौधरोपण और अन्य कार्यक्रम होंगे। इस दौरान विद्यालय के प्रत्येक बच्चे के नाम पर स्कूल परिसर में एक पौधा लगाया जाएगा, जिसकी देखरेख व सुरक्षा की जिम्मेदारी उसी बच्चे की होगी।
निगम के शिक्षा निदेशक कार्यालय ने अपने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को यह निर्देश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि विद्यालय प्रधानाचार्य व इंचार्ज निगम के उद्यान विभाग की नर्सरी व विभिन्न एनजीओ की नर्सरी से अपनी जरूरत भर का पौधा ले सकते हैं। उन्हें बाकी शिक्षकों और बच्चों के साथ मिलकर पौधरोपण कार्यक्रम और साथ-साथ पर्यावरण विषय पर आधारित निबंध प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला प्रतियोगिता व क्विज प्रतियोगिता का आयोजन कराना है।
निगम के विद्यालयों में करीब साढ़े सात लाख बच्चे पढ़ते हैं। इस प्रकार प्रत्येक बच्चे के नाम से विद्यालय में पौधा लगाया जाएगा। इन बच्चों को पौधों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया जाएगा। जब तक ये बच्चे इन विद्यालयों में पढ़ेंगे तब तक वह इनकी देखभाल करेंगे।
अदालत के निर्देशों का उल्लंघन..
उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता सहित तीन अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी को पेड़ों के संरक्षण और इससे संबंधित न्यायिक आदेशों के उल्लंघन के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने यह आदेश पूर्वी दिल्ली में विकास मार्ग क्षेत्र के संबंध में नीरज शर्मा द्वारा एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची ने कहा कि पीडब्ल्यूडी द्वारा चल रहे सिविल कार्यों से वहां के पेड़ों को व्यापक नुकसान हुआ था जो न्यायिक आदेश का उल्लंघन था।
अदालत ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता, इंजीनियर-इन-चीफ व कार्यकारी अभियंता व संबंधित एसएचओ भी कानून के तहत पेड़ों को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए उत्तरदायी है। अदालत ने कहा इन अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में ही तय नियमों का उल्लंघन हुआ। अदालत ने कहा , नामित प्रत्येक अधिकारी किसी न किसी रूप में अदालत के निर्देशों का उल्लंघन करने में संलिप्त हैं। ऐसे में उन्हें अदालत की अवमानना के लिए दोषी ठहराया जाता है। अदालत ने चारों की सजा का निर्धारण के लिए सुनवाई 7 जुलाई तय करते हुए चारों अधिकारियों को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।