दिल्ली के उद्यमियों ने रोजगार बजट को प्रगतिशील बताया है। कहा है कि रोजगार बढ़ाने के लिए व्यापार को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है। व्यापार बढ़ेगा तो अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी। उद्योग-धंधे बेहतर तरीके से चलेंगे तो उत्पाद बढ़ेगा। उत्पादन बढ़ेगा तो श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। खुदरा बाजार तक पहुंचेगा तो हजारों लोग इससे जुड़ेंगे।
कंफेडेरशन ऑफ ऑल इंडिया माइक्रो एंड स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज से जुड़े उद्यमी अशोक गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सिटी बक्करवाला में बनने से तकनीक के क्षेत्र में विकास होगा। चीन की जगह इलेक्ट्रॉनिक उपयोग वाली चीजें दिल्ली में ही उपलब्ध होंगी। मार्ट अर्बन फार्मिंग पहल के तहत महिलाओं को रोजगार मिलेगा। उद्यमी शशि महाजन ने कहा कि पहली बार गांधी नगर के गारमेंट हब के विकास पर सरकार ने फोकस किया है। यह बाजार विश्व का शीर्ष वस्त्र निर्यातक है।
हालांकि, फुटवियर इंडस्ट्री को कोविड के दौरान घाटा हुआ है। इंडस्ट्री बुरे दौर से गुजर रही है। क्वालिटी इंप्रूवमेंट में महंगी मशीनें लगती हैं। सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता थी। उद्यमी केके सेठ का कहना है कि दिल्ली सरकार को स्टेनलेस बर्तन और जूते के लिए समान योजना बनानी चाहिए। वहीं, कंप्यूटर बाजार दिल्ली समेत सभी राज्यों के लिए घरेलू अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता है।
व्यापारियों को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है। ऐसा पहली बार देखा गया है कि किसी बजट में दिल्ली के बाजारों के लिए खासतौर से बजट पेश किया गया है। दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल और दिल्ली बाजार पोर्टल की भी घोषणा की गई है, जिससे व्यापारियों में खुशी की लहर है। अनुमान है इससे व्यापार को गति मिलेगी। कमला नगर बाजार 1950 से पहले का बाजार है। सौंदर्यीकरण व नवीकरण की आवश्यकता है।
- नितिन गुप्ता, अध्यक्ष, कमला नगर ट्रेडर्स एसोसिएशन
दिल्ली के व्यापारियों के लिए ऐतिहासिक बजट है। रिटेल, होलसेल, फैक्टरी मालिक , होटल, रेस्तरां सभी तरह के व्यापारियों का रखा ख्याल रखा गया है। रिटेल बाजारों के लिए 100 करोड़ और होलसेल बाजारों के लिए 250 करोड़ के फंड की घोषणा अच्छा कदम है। बिजनेस फेस्टिवल होने से बाजारों में ग्राहकों की आमद बढ़ेगी। दिल्ली में नाइट शॉपिंग कल्चर बढ़ेगा। इंडस्ट्रियल एरिया का भी कायाकल्प होगा।
- बृजेश गोयल चेयरमैन, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री
यह बजट व्यापारियों के प्रति सरकार के नकारात्मक रवैये को दर्शाता है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे समय में जब दिल्ली का व्यापार बड़े वित्तीय दबाव में है और कोविड महामारी के प्रतिकूल प्रभाव से उबरने की कोशिश कर रहा है, दिल्ली सरकार ने बजट में व्यापार के विकास के लिए कोई योजना घोषित नहीं की है। कोई नीतिगत उपाय की घोषणा नहीं की गई।
- प्रवीण खंडेलवाल, महामंत्री, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
लोगों ने कहा...
इस बार का बजट रोचक है, जिसकी थीम से पता चलता है कि सरकार रोजगार को लेकर फिक्रमंद है। उम्मीद है, महिलाओं को इसमें अच्छी खासी भागीदारी मिलेगी।
- आरती चुग, ज्योतिष
केजरीवाल का यह बजट अच्छा है, जिसमें दिल्ली के बाजारों को चमकाने की बात कही गई है। अगर ऐसा होता है तो इसका फायदा महिलाओं को भी मिलेगा।
- नेहा रस्तोगी, गृिहणी
दिल्ली सरकार बाजारों का कायाकल्प करेगी, जिससे व्यापारी हैं। अब ऐसा कोई इंतजाम किया जाए कि वे सरकार से सीधा संवाद स्थापित कर सकें।
- श्रीभगवान गोयल, व्यापारी
बाजारों के विकास का निर्णय सराहनीय है। बाजारों में जल निकासी, लाइट के समुचित इंतजाम और सीसीटीवी कैमरे लगाने की तुरंत आवश्यकता है।
- राकेश कुमार यादव, व्यापारी
इस बार का बजट वाकई काबिले तारीफ है, क्योंकि यह रोजगार देने वाला बजट है। इसलिए युवाओं के लिए इससे बढ़िया बजट दूसरा हो ही नहीं सकता है।
- निखिल, युवा
मौजूदा सरकार अच्छा काम कर रही है। स्कूली बच्चे बिजनेस ब्लास्टर के जरिए रोजगार पैदा कर रहे हैं। अब बाजारों को सुदृढ़ बनाने का फैसला अच्छा है।
- ऋषभ, युवा
दिल्ली के नागरिकों के लिए स्थायी रोजगार की बात हो रही है तो यह बजट ठीक है। यहां के स्थायी निवासियों को इससे कितना फायदा पहुंचेगा, यह बेहद महत्वपूर्ण होगा।
- अश्वनी कुमार राणा, बैंकर
गांधीनगर रेडीमेड गारमेंट व कपड़ा मार्केट के व्यापारियों की सभी संस्थाओं की ओर से दिल्ली के उप मुख्यमंत्री का धन्यवाद। उन्होंने व्यापारियों की आेर ध्यान दिया है।
- कंवल कुमार बल्ली व्यापारी, गांधी नगर मार्केट