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Satyendar Jain: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन के घर छापेमारी, 9 जून तक ईडी की हिरासत में हैं केजरीवाल के मंत्री

Tue, 07 Jun 2022 05:02 AM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हवाला कारोबार के सिलसिले में ईडी ने सत्येंद्र जैन के आवास पर छापा मारा है। मामला कोलकाता की एक कंपनी से संबंधित है।
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दिल्ली के स्वास्थ्य और गृह मंत्री सत्येंद्र जैन - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता की एक कंपनी से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में एक और कार्रवाई की है। ईडी ने सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य और गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के आवास पर छापेमारी की। जिसके बाद देर रात अधिकारी सत्येंद्र जैन के आवास से रवाना हुए। मालूम हो कि बीते 30 मई को ईडी ने सत्येंद्र जैन को मनी लान्ड्रिंग केस में हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें 9 जून तक के लिए जेल भेज दिया गया था। 

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इससे पहले अप्रैल महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की थी। इसमें अकिंचन डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों की संपत्तियां शामिल थीं। 

दरअसल ईडी ने सीबीआई द्वारा दायर की गई एक एफआईआर के आधार पर जैन के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था। एफआईआर में कथित रूप से इस बात का उल्लेख था कि सत्येंद्र जैन उन चार कंपनियों द्वारा प्राप्त धन के स्रोत की जानकारी नहीं दे पाए जिनमें वो शेयरहोल्डर हैं।
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जैन पर कथित आरोप हैं कि उन्होंने दिल्ली में कई शेल कंपनियों को लॉन्च किया या खरीदा था। उन्होंने कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 शेल कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को भी सफेद किया था।

जैन के पास प्रयास, इंडो और अकिंचन नाम की कंपनियों में बड़ी संख्या में शेयर थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2015 में केजरीवाल सरकार में मंत्री बनने के बाद जैन के सभी शेयर उनकी पत्नी के नाम कर दिए गए थे।

जानकारी के अनुसार इन कंपनियों का प्रयोग कोलकाता की कंपनियों को नकद पैसे भेजने के लिए किया जाता था और बाद में शेयर खरीदने के नाम पर कानूनी रूप से जैन को पैसे वापस कर दिए जाते थे। कथित तौर पर इनके माध्यम से जैन ने 2010 से 2014 तक 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद किया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में जब आयकर विभाग द्वारा मुकदमा चलाया गया तो जैन ने दो फर्जी खाताधारकों (वैभव जैन और अंकुश जैन) के नाम पर जमा 16.39 करोड़ रुपये को 'आय प्रकटीकरण योजना (आईडीएस), 2016' के तहत नकदी के रूप में सरेंडर कर दिया।

जैन के समर्थन में आम आदमी पार्टी, लेकिन भाजपा हमलावर

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ईडी की शुरुआती कार्रवाई से ही आम आदमी पार्टी इस मामले में जैन के साथ खड़ी है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि जैन बहुत ईमानदार व्यक्ति हैं, वो इस तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हो सकते। वहीं भाजपा को हमला करने का एक मौका मिल गया है। भाजपा लगातार यह प्रश्न कर रही है कि केजरीवाल को बताना चाहिए कि केवल एक ही पते पर 240 कंपनियां कैसे चल रहीं थीं।

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