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चुनाव सत्ता पाने का साधन नहीं, देश और समाज में परिवर्तन लाने का जरिया: केजरीवाल

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव सत्ता पाने का साधन नहीं है, बल्कि देश और समाज में परिवर्तन लाने का एक जरिया है। पार्टी का मकसद एक पार्टी बदलकर दूसरी पार्टी को सत्ता में लाना नहीं है, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था को उखाड़कर ईमानदार व्यवस्था लागू करना है। ‘आप’ की दिल्ली की सरकार ने देश के लोगों को यह उम्मीद दी है कि बदलाव संभव है और देश बदल सकता है। यह बातें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल माध्यम से पार्टी के देशभर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान कहीं।
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केजरीवाल ने कहा कि हमारे सामने पूरा का पूरा भ्रष्ट तंत्र और बड़ी-बड़ी राजनीतिक पार्टियां हैं। उनके पास अथाह पैसा है, लेकिन हमारे पास जुनून और हमारी देशभक्ति है। कार्यकर्ताओं से कहा कि वह लोगों को बताएं कि दिल्ली में कैसे बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, सड़कें ठीक कर दिए। आप की सरकार बनी तो उस राज्य में भी अच्छे काम होंगे। आज सरकार का मतलब मंत्रियों और विधायकों को सभी सुविधाएं फ्री में मिले यहीं हो गया है। भले ही जनता दर-दर की ठोकर खाती रहे। सरकार की परिभाषा बदलेंगे। अब मंत्री और विधायक सेवा करेंगे और जनता को सभी सुविधाएं मिलेंगी।
बदलना होगा पूरा सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव सत्ता पाने का साधन नहीं हैं। हमारे लिए यह चुनाव एक पार्टी को बदलकर दूसरी पार्टी का शासन लाने का जरिया नहीं है। पार्टियां बदलने से कुछ नहीं होगा। पार्टियां बदलते-बदलते 70 साल हो गए। कुछ बदला? सब कुछ वैसे का वैसा है। हमें पूरा सिस्टम बदलना होगा। चुनाव बदलाव लाने का एक मौका है। जब आप चुनाव प्रचार के लिए निकलें तो यह समझें कि देश में बड़े परिवर्तन के लिए काम कर रहे हैं। चुनाव प्रचार नहीं, देशभक्ति का काम कर रहे हैं।
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राजनीतिक पार्टियों पर साधा निशाना
केजरीवाल ने अन्य राजनीतिक पार्टियों पर भी निशाना साधा। कहा कि ये पार्टियां 75 साल में भी सरकारी अस्पताल ठीक नहीं करा पाई। आप ने महज 5 साल में ठीक करके दिखा दिया। राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा यह बताया है कि सरकार चलाना बड़ा मुश्किल है। सरकार चलाने में थोड़ी बहुत बेईमानी करनी पड़ती है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह साबित कर दिया कि सरकारें ईमानदारी से भी चल सकती हैं। यह भी कहा कि चुनाव लड़ने के लिए खूब पैसा चाहिए और चुनाव जीतने के लिए बेईमानी करनी पड़ती है, लेकिन आम आदमी पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि चुनाव ईमानदारी से लड़े भी जा सकते हैं और जीते भी जा सकते हैं। सरकारी स्कूलों को कॉरपोरेट सेक्टरों को देने की बात समझाया गया। दिल्ली की सरकार ने यह साबित कर दिया कि सरकारी स्कूल भी शानदार बन सकते हैं।
आजादी की लड़ाई की तरह है यह चुनाव
दिल्ली की सरकार से देश के लोगों को उम्मीद है। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। यह आजादी की लड़ाई की तरह है। उस वक्त हम अंग्रेजों से लड़ रहे थे, लेकिन आज हमारे सामने पूरा भ्रष्ट तंत्र है। बड़ी-बड़ी पार्टियां हैं। उन पार्टियों के पास अथाह पैसा है। हमारे पास हमारा जुनून है और हमारी देशभक्ति है। भ्रष्ट व्यवस्था को उखाड़ नहीं फेंकेंगे, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।
सकारात्मक प्रचार करना है
केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के चलते चुनाव प्रचार में कई पाबंदियां हैं, लेकिन डोर-टू-डोर प्रचार करने की अनुमति है। इसलिए अभी से घर-घर जाकर प्रचार शुरू कर दें। जब भी किसी के घर जाएं, तो सबसे पहले उनका हाल-चाल पूछें कि घर में सब ठीक हैं। किसी को कोई बीमार तो नहीं है। अगर उन्हें किसी चीज की जरूरत है, तो पहले उनकी मदद करें। चुनाव प्रचार में हमारे लिए सेवा करने का एक मौका होना चाहिए। फिर उन्हें बताएं कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने क्या-क्या अच्छे काम किए। हमें केवल पॉजिटिव प्रचार करना हैं। सबका दिल जीतना है और सबको गले लगाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से हर वोटर तक पहुंचकर पार्टी का संदेश पहुंचाना है। डिजिटल और सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है। एक-एक कार्यकर्ता कट्टर देशभक्त है। मुझे आप सब पर गर्व है।
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