नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के प्रिंसिपल को छुट्टी पर जाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्हें बिना हस्तलिखित आज्ञा के कार्यालय में प्रवेश करने से मना किया गया है।
कॉलेज के गर्वनिंग बॉडी के अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि प्रिंसिपल के खिलाफ एक जांच की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष हो। पत्र के मुताबिक, प्रिंसिपल को बिना हस्तलिखित आज्ञा के कॉलेज परिसर में प्रवेश के लिए मना किया गया है। साथ ही सभी प्रकार के दस्तावेजों और फाइलों से दूरी बनानी होगी।
बता दें कि कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के प्रिंसिपल इंद्रजीत डागर पर उस समय वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया था, जब एक लाख में खरीदी गईं 180 किताबें कॉलेज नहीं पहुंचीं थी। इसे लेकर उनके खिलाफ वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। साथ ही यह मामला विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की बैठक में भी उठाया गया था।