राष्ट्रीय राजधानी में ई-कचरा प्रबंधन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने निरीक्षण में पाया कि दिल्ली के 72 केंद्रों पर नियमों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उसने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीसी) से नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
डीपीसीसी ने कहा, केंद्रों का निरीक्षण करने पर बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन पाया गया। प्रदूषण नियंत्रण की शीर्ष संस्था ने नियम पालन न करने वाले केंद्रों से जुड़े उत्पादकों की (एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रेस्पांसिबिलिटी) ईपीआर मान्यता भी रद्द करने को कहा है।
दरअसल ईपीआर ई-कचरा प्रबंधन नियमों की एक मुख्य विशेषता है, जिसके तहत ब्रांड के स्वामी और आयातकों को बाजार में रखी गई सामग्री का उन्हें अपनी कीमत पर सुरक्षित निस्तारण करना होता है। डीपीसीसी ने पिछले हफ्ते सीपीसीबी द्वारा 83 अधिकृत संग्रह केंद्रों का निरीक्षण किया था, जिसमें 72 को नियमों का अनुपालन नहीं करते हुए पाया।
सफाई न रखने वालों पर लगेगा जुर्माना
स्वच्छता रैकिंग में अव्वल स्थान हासिल करने के लिए नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) में सफाई न रखने वालों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। सूखा और गीला कूड़ा अलग न रखने पर घरों के बाहर लाल रंग का स्टीकर लगाने की शुरुआत कर दी है। निगरानी के बाद भी अगर हालात नहीं सुधरे तो एनडीएमसी की तरफ से भवन मालिकों पर जुर्माना भी किया जाएगा। रिहायशी क्षेत्रों के लिए यह 200 रुपये होगी, जबकि गैर रिहायशी क्षेत्रों में अलग अलग प्रॉपर्टी के मुताबिक जुर्माना किया जाएगा। सामुदायिक भवनों में इस तरह की अनदेखी होने पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
पिछले साल भी 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों के सर्वेक्षण में एनडीपीसी को तीसरा स्थान मिला। इस बार भी एनडीएमसी को भी देश के अन्य शहरों की तर्ज पर स्वच्छता में अव्वल स्थान दिलवाने के लिए सख्ती बढ़ाई जा रही है। पालिका क्षेत्र में पहले ही गीला और सूखा कूड़ा के लिए अलग अलग डस्ट बिन्स बनाए गए। इसके बाद भी कूड़े के प्रबंधन के लिए कई जगहों पर जागरुकता नहीं दिखी। हालात न बिगड़े इसके लिए एनडीएमसी ने कूड़ा के प्रबंधन के लिए नियमों की अनदेखी करने वाली प्रॉपर्टी(भवन)के बाहर लाल रंग का स्टीकर लगाने की शुरुआत कर दी।
अब तक पालिका की तरफ से 165 से अधिक जगहों पर कार्रवाई हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर इसके बाद भी नियमों की अनदेखी का सिलसिला नहीं थमा तो जुर्माना किया जाएगा। कूड़ा प्रबंधन के लिए तय नियमों का पालन न करने वालों पर पालिका परिषद की ओर से निगरानी रखी जा रही है। एनडीएमसी क्षेत्र में रोजाना 280 टन से अधिक कचरा पैदा होता है।