दिल्ली विश्वविद्यालय में 15 मई से परीक्षाएं शुरु होने वाली हैं। जबकि कोरोना महामारी की दूसरी लहर देशभर में सभी वर्गों को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में यह परीक्षाएं स्थगित किए जाने की मांग उठने लगी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में 15 मई से परीक्षाएं शुरु होने वाली हैं। जबकि कोरोना महामारी की दूसरी लहर देशभर में सभी वर्गों को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में यह परीक्षाएं स्थगित किए जाने की मांग उठने लगी है। इस संबंध में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ(डूटा) ने कुलपति प्रो पीसी जोशी को एक पत्र लिखा है। डूटा ने पत्र में मांग की है कि परीक्षाएं स्थगित किए जाने के साथ-साथ आंतरिक मूल्यांकन जमा कराने की समय सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए।
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डूटा अध्यक्ष डॉ राजीब रे पत्र में कहा है कि विद्यार्थी व शिक्षक काफी कठिन समय से गुजर रहे हैं। वहीं मई में इस महामारी के पीक पर आने की बात कही जा रही है। ऐसे में जब मई में ही ओपन बुक एग्जाम(ओबीई) ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड में आयोजित होने हैं, लिहाजा विद्यार्थियों व शिक्षकों को अतिरिक्त तनाव नहीं दिया जाना चाहिए। डूटा ने कुलपति से कुछ अन्य कदम उठाने की भी अपील की है, जिससे कि शिक्षकों व विद्यार्थियों को राहत मिल सके।
डूटा का कहना है कि यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर व पटेल चेस्ट संस्थान पर सुविधाओं को बढ़ाने के तरीकों का पता लगाना चाहिए। विश्वविद्यालय को उन डॉक्टरों का एक पैनल बनाए रखना चाहिए जिनसे ऑनलाइन परामर्श लिया जा सकता है।
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इसके साथ ही संकटग्रस्त लोगों के लिए एक केंद्रीकृत हेल्पलाइन सेवा भी शुरु की जाए। तदर्थ शिक्षकों के लिए बीमारी की अवधि के लिए पैड मेडिकल लीव की व्यवस्था की जाए। साथ ही विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वह उन संकाय सदस्यों के परिवारों को 2.5 करोड़ का मुआवजा प्रदान करे, जिन्होंने महामारी के कारण अपनी जान गंवाई है।