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डूसू चुनाव : 21 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद

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छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, दावेदारों ने भरा जीत का दम
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-चुनाव में पहली बार वोट करने वाले को प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानित

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव 2025-26 बृहस्पतिवार को शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। चुनाव में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कैंपस और कॉलेज परिसर में सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम रहे। इस बार डूसू चुनाव में 21 उम्मीदवार मैदान में थे जिसमें सबसे ज्यादा अध्यक्ष पद के लिए दावेदार थे।

मतदान को लेकर कई कॉलेजों में अच्छी तादाद में छात्र जुटे। अलग-अलग छात्र संगठनों के समर्थक भी पहुंचे हुए थे। संगठनों ने जीत का दम भी भरा और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह के कॉलेजों में मतदान की प्रक्रिया सुबह साढ़े आठ बजे से शुरू हो गई थी। हालांकि कुछ कॉलेज में ईवीएम खराब होने की वजह से चुनाव शुरू होने में पांच से दस मिनट की देरी हुई। वहीं, मतदान को लेकर शहीद भगत सिंह कॉलेज में छात्राओं के लिए पिंक बूथ बनाया गया था। कुछ कॉलेज ने सेल्फी प्वाइंट भी बना रखे थे।
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ईवीएम की दिक्कत को तुरंत किया दूर

इसमें रामजस कॉलेज में दस मिनट की देरी से चुनाव शुरू हुआ। दो ईवीएम खराब हो गई थीं। फिर उन्हें बदलकर मतदान की प्रक्रिया शुरू की गई। किरोड़ीमल कॉलेज में ईवीएम पर एबीवीपी के उम्मीदवार के आगे नीली स्याही का मामला आया। जिसे कॉलेज प्रशासन ने तुरंत दूर कर दिया। इसके अलावा कुछ दूसरे कॉलेजों में भी ईवीएम में दिक्कत सामने आई थी। डूसू चुनाव के मुख्य अधिकारी प्रो. राज किशोर शर्मा ने कहा दो-तीन जगह ईवीएम में दिक्कत होने को लेकर जानकारी सामने आई थी। मगर, समय रहते उस परेशानी को दूर कर लिया गया।

एक-डेढ़ घंटे करना पड़ा इंतजार

डीयू के नॉर्थ कैंपस स्थित मिरांडा हाउस में डूसू चुनाव मतदान के लिए लंबी कतार देखने को मिली। मतदान के लिए छात्राओं को करीब एक से डेढ़ घंटे का इंतजार करना पड़ा। छात्रों की लंबी कतार को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने अंदर कमरों, सभागार में बिठाया और पानी की बोतल की व्यवस्था की। साथ ही टोकन भी जारी किए। कॉलेज में पांच हजार छात्राओं में से 50 फीसदी से अधिक छात्राओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के लिए लंबी कतार की एक वजह छात्राओं को तीन अटेंडेंस का मिलना था।

सुरक्षा और हॉस्टल के मुद्दे पर किया मतदान

मतदान को लेकर मिरांडा हाउस में दो बड़े मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान के साथ कॉलेज में छात्राओं की नियमित कक्षाएं भी जारी रहीं। मतदान के लिए पांच ईवीएम की व्यवस्था की गई। इसमें एक मशीन में तकनीकी खामी की वजह से मतदान की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। हालांकि कुछ देर बाद उसे ठीक कर लिया गया। मतदान की प्रक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 100 से अधिक प्राध्यापकों ने सहयोग किया। पहली बार मतदान के लिए आने वाली छात्राओं को विशेष प्रमाणपत्र जारी किए गए। कॉलेज की दिव्यांग छात्रा केशवी ने दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, हॉस्टल, वाई-फाई और सुरक्षा के मुद्दे पर मतदान किया।

डूसू चुनाव में स्मार्ट कार्ड का हुआ इस्तेमाल

मिरांडा हाउस प्राचार्या प्रो. बिजयलक्ष्मी नंदा ने कहा कि चुनाव हमारी युवा छात्राओं के लिए जमीनी स्तर पर लोकतंत्र का उत्सव है। हमारी छात्राओं की उत्साही भागीदारी उनके जागरूक, जिम्मेदार और भविष्य निर्माण के प्रति समर्पित होने का प्रमाण है। किरोड़ीमल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिनेश खट्टर ने कहा कि ईवीएम में को लेकर कुछ समस्याएं आई थी उसे तुरंत दूर कर लिया गया। रामजस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अजय कुमार अरोड़ा ने कहा कि दो मशीन खराब होने से चुनाव दस मिनट की देरी से शुरू हुआ था। पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) के प्राचार्य प्रो. रवींद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि कॉलेज में मतदान के लिए स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल किया गया। इस स्मार्ट कार्ड के उपयोग से कॉलेज में अनाधिकृत छात्रों के कॉलेज में प्रवेश बंद होने से धांधली और फेक वोटिंग की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई।

कैंपस में सुरक्षा रही चाक-चौबंद

डूसू चुनाव को लेकर कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। नॉर्थ कैंपस के छात्रा मार्ग पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई। कॉलेज आई कार्ड देखने के बाद ही छात्रों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस से लेकर अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे। लाउडस्पीकर के जरिए भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने को लेकर अपील की जा रही थी। साथ ड्रोन के जरिए भी निगरानी की गई।

समर्थकों ने एक-दूसरे के खिलाफ की नारेबाजी

डूसू चुनाव को लेकर कॉलेज के बाहर और कैंपस में अलग-अलग छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते दिखे। डूसू के पूर्व अध्यक्ष भी जायजा लेने के लिए पहुंचे हुए थे। समर्थकों को काबू करने के लिए सुरक्षाबल भी मौके पर मौजूद थे। छात्रों के बीच तकरार बढ़ने पर उन्हें समझाकर शांत किया गया। कुछ जगहों पर छुटपु नोकझोंक होने की घटनाएं भी सामने आई।
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छोटे-छोटे पर्चे कैंपस में बिखरे दिखे

डूसू में प्रिंटेड सामग्री के इस्तेमाल के रोक के बावजूद कैंपस परिसर में उम्मीदवारों के नाम वाले पर्चे नॉर्थ कैंपस परिसर में और कॉलेज के बाहर बिखरे दिखे। कुछ गाड़ियों में सवार होकर भी एकदम पर्चों को उड़ाकर जाते दिखे।
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