मृतक की बेटी ने सोशल मीडिया पर भी ट्वीट करते हुए मदद मांगी थी। उन्होंने दिल्ली सरकार के कई मंत्रियों को टैग भी किया था। ट्वीट में लिखा था कि उनके पिता की तबीयत काफी खराब है और वे लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल के बाहर खड़ी हैं, लेकिन अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है। जल्द ही इलाज नहीं मिला तो कुछ भी हो सकता है। सुबह करीब 8 बजे उन्होंने यह ट्वीट किया था। इस दौरान काफी लोगों ने उनके इस ट्वीट को रिट्वीट भी किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके एक घंटे के बाद उन्होंने लिखा कि अब उनके पिता नहीं रहे। यह सरकारी तंत्र की बहुत बड़ी नाकामी है।
महिला की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। मरीज गंगाराम अस्पताल में 1 जून को कोरोना से संक्रमित पाया गया था और अस्पताल ने उन्हें होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी थी। इसके बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी थी। घटना की जांच में पता चला है कि मरीज को सुबह 7.37 बजे मृत लाया गया था, जो ऑटो इलेक्ट्रॉनिक केजुअल्टी रिकॉर्ड में दर्ज हैं। अस्पताल के कर्मचारियों ने पुष्टि की है कि मरीज को सुबह 7.10 से 7.30 बजे के बीच लाया गया था। - एलएनजेपी प्रबंधन
सीएम से मांगा जवाब
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि लोकनायक अस्पताल में दाखिला नहीं मिलने से अस्पताल की चौखट पर मृत मरीज के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जवाब देना चाहिए। दाखिला ना मिलने से अस्पताल के बाहर हुई मृत्यु ने दिल्लीवालों को स्तब्ध कर दिया है।