नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अंतिम वर्ष की ओपन बुक एग्जाम एक जून से ही शुरू होंगे। डीयू परीक्षा शाखा ने परीक्षा टाले जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है। प्रशासन का तर्क है कि परीक्षा अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की ही आयोजित होगी। यदि परीक्षा नहीं लेंगे तो किस आधार पर उन्हें डिग्री देंगे। परीक्षा दो महीने बाद लेने से रिजल्ट निकालने में देरी होगी जिससे विद्यार्थियों का साल खराब होगा।
देश में कोरोना की दूसरी लहर के घातक होने के बाद डीयू प्रशासन ने 15 मई से शुरू होने वाली ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा को टाल दिया था। परीक्षा शाखा डीन प्रो सी. एस. रावत ने कहा कि ओपन बुक परीक्षा एक जून से ही आयोजित की जाएगी। इसके लिए जल्द ही डेटशीट भी जारी कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा नहीं कराएंगे तो डिग्री कैसे देंगे। कोरोना के कारण यदि दो महीने बाद परीक्षा आयोजित करेंगे तो रिजल्ट निकालने में देरी होगी। लिहाजा विद्यार्थियों का साल खराब नहीं होने दे सकते।
वहीं आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) का कहना है कि कोविड-19 के कारण शिक्षक व विद्यार्थी संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में चौथे सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षाएं स्थगित की जाएं। इस संबंध में सीवाईएसएस की ओर से डीयू प्रशासन को पत्र लिखकर परीक्षाएं स्थगित या रद्द करने की मांग की है।
संगठन अध्यक्ष चंद्रमणि देव ने बताया कि उन्होंने डीयू के कुलपति को एक पत्र लिखा है कि तमाम छात्र और शिक्षक इन दिनों कोविड की चपेट में हैं या फिर उनके परिजन संक्रमण से पीड़ित हैं। इसलिए इस साल सेकंड ईयर के एग्जाम रद्द किए जाएं और उन्हें प्रोजेक्ट्स और इंटरनल एग्जाम के आधार पर थर्ड ईयर में प्रोमोट किया जाए।