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अब नॉ मोर: श्मशान घाटों पर हर दिन लकड़ियां लेकर पहुंच रहे ट्रक, शवों की संख्या अधिक होने से बढ़ी मांग

Tue, 18 May 2021 01:02 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीमापुरी श्मशान घाट का संचालन करने वाले शहीद भगत सिंह सेवा दल के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह शंटी ने बताया कि पिछले एक माह में श्मशान घाट में 8 टन 800 किलो लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा चुका है।
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श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करती महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी में कोरोना से मृतकों की संख्या को श्मशान घाटों में लकड़ियों की मांग बनी हुई है। हर दिन विभिन्न राज्यों से लकड़ियों से लदे ट्रक पहुंच रहे हैं। हालांकि, पिछले माह के हिसाब से इस माह लकड़ियों की खपत कम हो गई है।

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सीमापुरी श्मशान घाट का संचालन करने वाले शहीद भगत सिंह सेवा दल के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह शंटी ने बताया कि पिछले एक माह में श्मशान घाट में 8 टन 800 किलो लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा चुका है। हालांकि, पिछले माह के मुकाबले इस माह शवों की संख्या में कुछ कमी होने के साथ-साथ लकड़ियों का प्रयोग भी कम हो रहा है, जोकि अब 50 फीसदी तक गिर गया है। 

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के रामपुर, उत्तराखंड के हल्द्वानी, पंजाब और राजस्थान से लकड़ियां श्मशान घाट पहुंच रही हैं। क्योंकि, अभी दिल्ली में शवों की संख्या में अधिक कमी नहीं आई है। ऐसे में प्रतिदिन ट्रकों की आवाजाही लगी हुई है। वहीं, उत्तरी दिल्ली के सबसे बड़े श्मशान घाट निगमबोध घाट के संचालन समिति के महाप्रबंधक सुमन कुमार गुप्ता ने बताया कि श्मशान घाट में शवों की संख्या को देखते हुए लकड़ी का स्टॉक पूरा किया जा रहा है। फिलहाल, शव को जलाने के लिए लकड़ी की कोई कमी नहीं है।
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एक अंत्येष्टि के लिए 3-4 क्विंटल लकड़ी की जरूरत
श्मशान घाट में एक शव को जलाने के लिए 3-4 क्विंटल तक लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिए 600 से 700 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है। इसकी पर्ची भी लोगों को उपलब्ध कराई जाती है। चिता जल्दी से आग पकड़ सके इसके लिए आम की लकड़ियों की अलग से व्यवस्था होती है। इसके लिए शुल्क चुकाना पड़ता है।

सीमापुरी में अब तक तीन बच्चों को किया जा चुका है दफन
सीमापुरी के श्मशान घाट में अब तक तीन कोविड बच्चों को दफन किया जा चुका है। इनकी उम्र आठ से 10 महीने के बीच है और कोरोना से मौत हुई थी।  कोरोना संक्रमित बच्चों के शवों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट में 200 गज में अलग से व्यवस्था की गई है। 

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