सभी नालों को किया गया बंद
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने यमुना नदी में गिरने वाले अपने 17 नालों के स्लूस गेट बंद कर दिए गए है। इसके चलते बरसाती पानी की निकासी का रास्ता बंद हो गया है और नाले उफान पर आने पर बारिश का पानी सड़कों एवं गलियों में बहना तय है। पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के करीब पांच हजार छोटे बड़े नाले है और उनका पानी बंद किए गए 17 नालों के माध्यम से यमुना नदी में पहुंचता है।
बारिश होने पर बढ़ेगी मुश्किलें
इसी तरह सीवरेज का पानी भी इन नालों के माध्यम से यमुना नदी में जाता है। इस कारण बारिश होने पर अधिकांश रिहायशी इलाकों को बाढ़ से कोई नहीं बचा पाएगा। क्योंकि पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के सभी नालों की समुचित निकासी की व्यवस्था बंद हो गई और अब बारिश होने पर उसके नाले ओवर फ्लो होने तय है। बारिश का पानी सड़कों और गलियों में पानी जमा होने की संभावना हो गई है।
इन इलाकों से आ रही शिकायतें
उधर मुखर्जी नगर, मॉडन टाउन, राणा प्रताप बाग, तिमारपुर, जहांगीरपुरी, नजफगढ़, विकासपुरी, उत्तम नगर, जनकपुरी आदि इलाकों में सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें आनी शुरू हो गई है। इस संबंध में प्रभावित लोगों ने दिल्ली जल बोर्ड के समक्ष शिकायत की है।
फरीदाबाद में जलभराव से लोग परेशान
एक ओर यमुना और दूसरी ओर बारिश का पानी शहर के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शहर के चारों ओर लोग जलभराव के कारण दुखी नजर आ रहे है। सेक्टरों से लेकर कॉलोनियों के लोग सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर कर रहे है। सेक्टर-23 संजय कॉलोनी के लोगों ने बुधवार को नाराजगी जाहिर की। स्थानीय निवासी विद्या देवी ने बताया कि पहले सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई थी अब बारिश व गंदा पानी घरों में प्रवेश कर रहा है। इसके अलावा एसजीएम नगर, पर्वतीय कॉलोनी, जीवन नगर सहित अन्य हिस्सों में बुरा हाल है। स्थानीय निवासी यशवंत सिंह और गीता देवी ने बताया कि गलियों में जलभराव है। घरों से निकलना दूभर हो गया है। लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। टैंकर खरीदकर गुजारा कर रहे हैं, लेकिन किसी भी प्रकार से सुनवाई नहीं हो रही है।