इस दौरान महिलाओं और बुजुर्ग व बच्चे समेत 15 लोग घायल हो गए। पुलिस ने उनको अस्पताल पहुंचाया। एक महिला की आंख के ऊपर चोट आई है तो वंशिका, मीना गुप्ता, सीमा गुप्ता, सुशीला देवी, सूरजपाल व सचिन आदि को गंभीर चोट आई। कार्यक्रम में बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। कई बार पंड़ित धीरेंद्र शास्त्री ने इस दौरान कई बार माइक से श्रृद्धालुओं को पीछे हटने और बाहर जाने की अपील की। मगर उनकी अपील पर किसी ने सुनवाई नहीं की और हालात खराब होते देख वह स्वयं कार्यक्रम को बीच में छोड़कर चले गए। गर्मी और प्यास से परेशान भीड़ एक साथ बाहर निकलने की होड़ में भगदड़ सी मच गई। मगर पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे संभाल लिया और लोगों को धीरे-धीरे निकालना शुरू किया। मगर उस समय भी कई लोग गर्मी से बेहोश हो गए। उनको पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और इलाज कराकर घर छुड़वाया।
पंडाल की व्यवस्था से ज्यादा जारी कर दिए गए पास
पंड़ित धीरेंद्र शास्त्री की श्रीमदभागवत कथा के आयोजकों में पहले ही दिन से आपसी मनमुटाव लेनदेन को लेकर सामने आ गया था और एक दूसरे पर वीवीआईपी पास बेचने का आरोप लगा रहे है। जानकार लोगों ने बताया कि पंड़ाल में करीब पौने दो लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था है लेकिन बुधवार को दो लाख से अधिक श्रृद्धालू पहुंच गए थे और इससे गर्मी में अव्यवस्था फैल गई। पुलिस भी सुबह से ही लोगों की संख्या देखकर हावभाव भूलने लगी थी और दिव्य दरबार में भीड़ की जानकारी होने पर कमिश्नरेट के आला अधिकारी मौके पर ही मौजूद रहे। अगर आला अधिकारी समय रहते व्यवस्था को न संभालते तो शायद बड़ी घटना हो सकती थी।
भीड़ में फंसी एंबुलेंस
कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था से हुई अफरा-तफरी में कई लोग गिरकर बेहोश हो गए तो कुछ लोग आपस में टकराए तो कुछ पंडाल से टकराकर घायल हो गए। इनको अस्पताल ले जाते वक्त एंबुलेंस को निकलने में करीब आधा घंटे का समय लग गया। पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को निकालवाकर अस्पताल पहुंचाया।
एक महिला समेत कई लोगों को लगा करंट
पंडाल में बिजली की फिटिंग के दौरान कई लापरवाही बरती गई थी और बरसात की वजह से खुले तारों से करंट कई जगह पर उतर आया था। मंगलवार को चार लोगों को करंट लगा था और अशोक नामक युवक का हाथ अभी तक ठीक नहीं हो पाया है। जबकि कार्यक्रम में एक महिला को भी बिजली का करंट लगा था। इस तरह कई लोगों को करंट लगा था। जबकि इस खुले तारों की शिकायत आयोजकों और पुलिस से भी की गई थी। लोगों ने बताया कि वीआईपी पास वालों के लिए बनाए गए प्रवेश द्वार के पास बिजली के खुले तार से करंट उतरने का दावा किया गया है।
पंडाल में मिलता पानी तो न होते लोग बेहोश
आयोजकों की ओर से एयरकंडीश्नर पंडाल बनवाया गया था। मगर भीड़ के अनुसार उसमें एसी और पंखे नहीं लगवाए गए। जो पंखे और ऐसी लगे थे वह भी बंद थे। इससे उमस लगातार बढ़ती चली गई। गर्मी और उमस से परेशान हुए लोगों को समय पर पानी तक नहीं मिला तो इससे लोग बेहोश होकर गिरने लगे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
श्रीमद भागवत कथा के कार्यक्रम में कोई भगदड़ नहीं मची है। गर्मी व उमस के कारण कुछ महिलाएं व बुजुर्ग बेहोश हुए हैं। उनको नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराकर इलाज के बाद घर पहुंचाए जा चुके हैं। भगदड़ की बात संज्ञान में नहीं है और न ही करंट लगने की कोई घटना हुई है। -अनिल कुमार यादव, डीसीपी सेंट्रल नोएडा।