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ईडब्ल्यूएस व वंचित वर्ग की दाखिला गाइडलाइंस जारी

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नई दिल्ली। राजधानी के निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक पिछड़ा वर्ग), डीजी (वंचित वर्ग) व दिव्यांग श्रेणी की 25 फीसदी सीटों पर दाखिले का इंतजार खत्म हो गया है। शिक्षा निदेशालय ने इन श्रेणियों के बच्चों के नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में दाखिले के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। लगभग 1700 निजी स्कूलों में ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया की शुरुआत 7 अप्रैल से होगी।
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आवेदन निदेशालय की वेबसाइट www.edudel.nic.in पर दिए गए ईडब्लयूएस-डीजी लिंक के माध्यम से किया जा सकेगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए अभिभावकों को 20 दिन का समय दिया गया है।
दाखिले की आवेदन प्रक्रिया 26 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद सभी श्रेणी के बच्चों के लिए पहला कंप्यूटराइज्ड ड्रा 30 अप्रैल को निकाला जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए एक फॉर्म से एक ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। एक साथ कई फॉर्म भरने पर लॉटरी में नाम आने पर भी बच्चे का दाखिला रद कर दिया जाएगा।
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दिशा-निर्देशों के अनुसार एक लाख वार्षिक आय से कम आय वाले ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभिभावकों के बच्चों, डीजी श्रेणी के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग (नॉन क्रीमी लेयर), अनाथ, ट्रांसजेंडर व एचआईवी प्रभावित बच्चों को 22 फीसदी सीटों पर दाखिले का अवसर मिलेगा। वहीं 3 फीसदी सीटों पर दिव्यांग श्रेणी के बच्चों का दाखिला होगा। इसके साथ ही शिकायतों के समाधान के लिए एक मॉनिटरिंग सेल का गठन भी किया जाएगा।
नर्सरी के लिए अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष
शिक्षा निदेशालय ने गाइडलाइंस में आयु सीमा पर भी स्थिति स्पष्ट की है। प्री स्कूल यानि नर्सरी के लिए 3 से 5 वर्ष, प्री प्राइमरी यानि केजी के लिए 4 से 6 वर्ष और पहली कक्षा के लिए 5 से 7 वर्ष आयु सीमा तय की गई है। यह आयु सीमा 31 मार्च 2021 को इतनी होनी चाहिए।
केपिटेशन फीस-डोनेशन मांगने पर 10 गुना जुर्माना
ईडब्ल्यूएस व वंचित वर्ग के बच्चों के दाखिले के नाम पर स्कूल अभिभावकों से केपिटेशन फीस या डोनेशन नहीं वसूल सकते हैं। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल दाखिले के समय कैपिटेशन फीस व डोनेशन मांगे तो उस पर कैपिटेशन फीस का दस गुना जुर्माना लगाया जाएगा।
जरूरी दस्तावेज
आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के तहत दाखिला लेने के लिए अभिभावकों को जरूरी दस्तावेज के रूप में राजस्व विभाग का आय प्रमाणपत्र, बीपीएल राशन कार्ड, अनिवार्य रुप में तैयार रखना होगा। वहीं एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, अनाथ, ट्रांसजेंडर और एचआईवी प्रभावित बच्चों को वंचित वर्ग के तहत रखा गया है। इन्हें आय संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करना होगा। इन सभी श्रेणियों में दाखिले के लिए अभिभावक के लिए तीन वर्ष से दिल्ली का निवासी होना जरूरी है।
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