पहला कि अस्पतालों को दो भागों में बांटा जाना चाहिए। एक भाग में सिर्फ कोरोना के मरीजों का इलाज हो और दूसरे में अन्य का। ऐसा करने से अन्य मरीजों में कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं होगा। अस्पताल के जिस क्षेत्र में कोरोना का इलाज हो वहां केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था हो। इस क्षेत्र को आइसोलेशन जोन घोषित किया जाए। सरकारी के साथ निजी अस्पतालों को भी संकट की इस घड़ी में अहम भूमिका निभानी होगी।