भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने और समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोपों के तहत छत्तीसगढ़ में एफआईआर दर्ज की गई है। रायपुर के पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख ने बताया कि सोमवार शाम को पूर्णाचंद पाढ़ी नामक शख्स द्वारा सिविल लाइन थाने में पात्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई।
पाढ़ी छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रमुख हैं और उन्होंने पात्रा के 10 मई को किए एक ट्वीट पर शिकायत दर्ज करवाई। पाढ़ी ने दावा किया है कि पात्रा ने कश्मीर मुद्दे, 1948 के सिख विरोधी दंगे और बोफोर्स घोटाले के संबंध में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और राजीव गांधी के खिलाफ झूठे आरोप लगाए। ऐसे समय में जब देश कोविड-19 संकट से जूझ रहा है सोशल मीडिया पर ऐसी बातें करना न केवल विभिन्न धार्मिक समुदायों को उकसाना है बल्कि इससे शांति भंग होने की आशंका भी है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी पर उत्तराखंड तराई विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने महाराष्ट्र कांग्रेस महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाल संजय कुमार का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। हेमंत द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि सचिन सावंत ने 30 अप्रैल को ट्विटर के माध्यम से उत्तराखंड की टोपी और सांस्कृतिक विरासत पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता ने महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद का सदस्य मनोनीत न किए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है। साथ ही भगत दा की टोपी पर निशाना साधा है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा की शिकायत
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया कोऑर्डिनेटर हरीश रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ कोतवाली थाने में लिखित शिकायत की है। आरोप लगाया कि पात्रा ने देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अनर्गल टिप्पणी की है। हरीश रावत ने आरोप लगाया कि संबित पात्रा ने 10 मई को ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, राजीव गांधी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाया लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने और शांति भंग करने की कोशिश की है।