देर रात तक जारी रही बैठक
अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) ने पत्र लिखते हुए सूचना दी है कि नीट पीजी काउंसलिंग की तारीख जब तक घोषित नहीं होती है और दिल्ली पुलिस माफी नहीं मांगती है तब तक के लिए डॉक्टर इमरजेंसी, ओपीडी, ओटी, कोविड सहित सभी तरह की चिकित्सीय सेवाओं में उपस्थित नहीं रहेंगे। डॉक्टरों के इस फैसले के बाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन की देर रात तक बैठक जारी रही।
बैठक में वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम को तैनात करने के साथ साथ रेजिडेंट को वापस काम पर लाने के लिए विचार किया जा रहा है। इसके चलते शुक्रवार से लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी, मौलाना आजाद दंत चिकित्सालय और गुरु नानक नेत्र चिकित्सालय में हड़ताल का असर देखने को मिल सकता है। उधर डॉक्टरों की हड़ताल के चलते सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग, जीटीबी, इहबास सहित दिल्ली और केंद्र सरकार के अस्पतालों में मरीजों को उपचार नहीं मिला।
14 दिनों में 10 हजार से अधिक ऑपरेशन टाले
बीते 14 दिन में यहां 10 हजार से अधिक ऑपरेशन टाले जा चुके हैं। वहीं हड़ताल के चलते दो मरीजों की इलाज न मिलने से मौत भी हुई है। इसके बाद भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी है।