डेंगू से बचाव के लिए छिड़काव करता निगम कर्मी।
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डेंगू से दिल्ली के हालात बेहद गंभीर बने हैं। इस साल अभी तक 8,276 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। पिछले पांच साल में ये आंकड़ा सबसे बड़ा है। इसमें सर्वाधिक चिंता की बात ये है कि 6,739 मामले इसी एक महीने नवंबर में आए। इसमें से 1,148 मामले बीते हफ्ते में आए।
एमसीडी की सोमवार को जारी साप्ताहिक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, इस साल नौ लोगों ने डेंगू से अपनी जान गंवाई। जबकि इससे पहले साल 2017 में डेंगू से 10 लोगों की मौत हुई थी। शहर में डेंगू से बगड़े हालात को देखकर आशंका है, ये आंकड़े अभी और बड़े होंगे।
अक्तूबर में अचानक बढ़ने लगे मामले
इस साल मानसून हल्का होते ही डेंगू ने गंभीर हालात पैदा कर दिया। जुलाई में डेंगू के 16 नए मामले आए, अगस्त में 72, सितंबर में 217, अक्तूबर में अचानक ये बढ़कर 1196 हो गए और नवंबर में 6739 नए मामले जुड़ गए। अब कुल मामले 8276 हैं। जबकि दिसंबर में डेंगू का तेजी से प्रसार अभी संभव है।
उत्तरी दिल्ली की हालत सर्वाधिक बिगड़ी
डेंगू के सबसे ज्यादा मामले उत्तरी दिल्ली में आए। क्षेत्र में कुल 2389 मामले आए, जिसमें 273 मामले बीते हफ्ते आए। दक्षिणी दिल्ली की हालत भी ऐसी ही है, यहां इस साल 2298 मामले आए। इसमें से 242 मामले बीते हफ्ते आए। वहीं पूर्वी दिल्ली में इस साल डेंगू के 931 मामले आए, जिसमें से 192 मामले बीते हफ्ते आए। दिल्ली कैंट इलाके में भी डेंगू के 132 मामले आए, जिसमें से 21 मामले बीते हफ्ते आए। एनडीएमसी इलाके में इस साल 72 मामले आए, बीते हफ्ते सात नए मामले आए। दिल्ली में इस साल 2437 डेंगू के ऐसे मामले आए, निगम के रिकार्ड में इनका अता-पता नहीं है। डेंगू की चपेट में आने के बाद ये लोग अस्पतालों में भर्ती हुए और इनका इलाज हुआ।
चिकनगुनिया और मलेरिया के मामले भी बढ़े
दिल्ली में इस साल चिकनगुनिया के भी 89 मामले आ चुके हैं। जबकि इस साल मलेरिया के 176 मामले आए हैं। लेकिन अच्छी बात ये है कि इस साल चिकनगुनिया और मलेरिया के मामले पिछले सालों की अपेक्षा कम आए हैं।