एमसीडी के वार्डों की संख्या 272 से 250 करने का असर नई दिल्ली छोड़कर सभी संसदीय क्षेत्रों पर पड़ा है। सबसे अधिक पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र प्रभावित हुआ है। पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र में सात वार्ड कम हुए हैं, जबकि नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र में वार्डों की संख्या पर कोई असर नहीं पड़ा। नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र में पहले की तरह वार्डों की संख्या रह गई है, वहीं उत्तर पश्चिम संसदीय क्षेत्र में पहले की तरह सबसे अधिक वार्ड है, जबकि नई दिल्ली संसंदीय क्षेत्र में सबसे कम वार्ड हैं।
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने तीनों नगर निगम का विलय करके एमसीडी का गठन करने के दौरान वार्डों की संख्या 272 से कम करके 250 करने का निर्णय था। इस कारण एमसीडी के वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया गया है। इस दौरान सबसे अधिक पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र पर प्रभाव पड़ा है। पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र के 10 में से सात विधानसभा क्षेत्र में एक-एक वार्ड कम हो गया है, जबकि अन्य तीन विधानसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या पहले की तरह है। इस संसदीय क्षेत्र में एमसीडी के सात वार्ड कम हो गए हैं।
पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र के बाद उत्तर पश्चिम दिल्ली व चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में वार्डों की संख्या पर सबसे अधिक असर पड़ा है। इन दोनों संसदीय क्षेत्र में चार-चार वार्ड कम हुए हैं। इसके बावजूद वार्डों की संख्या के मामले में उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र पहले की तरह प्रथम स्थान पर कायम है। वहीं पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में तीन वार्ड और उत्तर पूर्व दिल्ली व दक्षिण दिल्ली संसदीय क्षेत्र में दो-दो वार्ड कम हुए है। उत्तर पूर्व दिल्ली के तीन विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक वार्ड कम हुआ है, जबकि एक विधानसभा क्षेत्र में एक वार्ड बढ़ा है।
एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में 68 विधानसभा क्षेत्र
एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में दिल्ली के 70 में से 68 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। उत्तर पश्चिम दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, चांदनी चौक, उत्तर पूर्व दिल्ली व पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के समस्त 10-10 विधानसभा क्षेत्र उसके अधीन है, जबकि नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के आठ विधानसभा क्षेत्र उसके अधिकार क्षेत्र में है, इस क्षेत्र के नई दिल्ली व दिल्ली छावनी विधानसभा क्षेत्र एमसीडी के अधीन नहीं आते है।
वर्ष 2007 से 2017 तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक समान थे वार्ड
नई दिल्ली। वर्ष 2006 में लोकसभा व विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन किया था। इस दौरान एक विधानसभा क्षेत्र में एमसीडी के चार वार्ड बनाए गए थे। इस तरह एमसीडी के अधीन आने वालेे समस्त 68 विधानसभा क्षेत्रों में चार-चार वार्ड बनाए गए थे और वर्ष 2017 तक उनमें चार-चार वार्ड थे, मगर वर्ष 2016 में एमसीडी के वार्डों का जनसंख्या के आधार पर परिसीमन करने का निर्णय लिया गया। इस तरह विधानसभा क्षेत्रों में तीन से लेकर सात वार्ड बनाए गए थे। लिहाजा उत्तर पश्चिम दिल्ली, पश्चिम दिल्ली, दक्षिण दिल्ली, चांदनी चौक, उत्तर पूर्व दिल्ली व पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में वार्डों की संख्या एक समान नहीं रही थी। नई दिल्ली इलाके में तो पहले ही उनसे कम वार्ड थे।
दिल्ली के लोकसभा क्षेत्रों में वार्डों की संख्या
संसदीय क्षेत्र
2022 में वार्ड 2017 में वार्ड
उत्तर पश्चिम दिल्ली 43 47
उत्तर पूर्व दिल्ली 41 43
पश्चिम दिल्ली 38 45
दक्षिण दिल्ली 37 39
पूर्वी दिल्ली 36 39
चांदनी चौक 30 34
नई दिल्ली 25 25