आसाराम के समर्थकों ने षड्यंत्र व दुष्प्रचार का आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
मौके पर करोलबाग स्थित संत आसाराम बापू आश्रम के पीआरओ मनोज भाई ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो दिल्ली में उनके समर्थक आत्मदाह करने पर विवश होंगे।
इससे पहले रविवार को आसाराम के समर्थन में जंतर-मंतर पर धरने की शुरुआत हुई। धरने के बाद समर्थक नारे लगाते हुए संसद मार्ग थाने तक पहुंचे।
उन्होंने थाना भवन में डेरा डाल दिया। बड़ी संख्या में पुरुष व महिला समर्थकों ने गिरफ्तारी दी। उन्होंने आसाराम को बेकसूर बताते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा। उसके बाद सभी समर्थक जंतर-मंतर लौट गए।
सर्मथकों ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। समर्थकों के मुताबिक वह तब तक जंतर-मंतर पर डटे रहेंगे जब तक उन पर लगाए सभी आरोप वापस लिए नहीं जाते।
मौके पर मौजूद समर्थकों को आसाराम पर आरोप लगाने वाली लड़की की दोस्त वंदना ने भी संबोधित किया। उसने आसाराम को बेकसूर बताते हुए कहा कि उन पर गलत लांछन लगाए गए हैं। धरना स्थल पर मौजूद लोगों को ओम, सत्येंद्र मोहन, विजय पंडित समेत अनेक साधु-संत व समर्थकों ने संबोधित किया।
नारे लगाकर किया प्रदर्शन
संसद मार्ग थाने में प्रदर्शन के दौरान समर्थकों के हाथ में ‘साधु-संतों का अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान’, ‘हम बापू के बच्चे हैं, बापू हमारे सच्चे हैं’ जैसे नारों से सजी तख्तियां और बैनर थे।
प्रदर्शन में महिलाएं और युवतियों की संख्या ज्यादा थी। इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप भी समर्थकों पर लगा है। हालांकि बापू के प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया है।
आसाराम के विरोध में प्रदर्शन को रोका
भारतीय जन समाजवादी पार्टी ने आसाराम पर कसूरवार होने का आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जैसे ही शुरू हुआ उसके कुछ देर बाद पुलिस ने प्रदर्शन को बीच में बंद करा दिया।
पार्टी का आरोप है कि बेवजह पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को शाम तक हिरासत में रखा और बाद में छोड़ दिया। इस बाबत पुलिस का कहना है कि उस समय संत आसाराम के समर्थक संसद मार्ग थाने की ओर जा रहे थे। रास्ते में ही यह प्रदर्शन होने के चलते अशांति पैदा होने की आशंका थी।