एमसीडी चुनाव लड़ने के मामले में महिलाओं ने पुरुषों को काफी पीछे छोड़ दिया है। महिलाओं ने अपने आरक्षित वार्डों के अलावा सामान्य वर्ग के वार्डों में भी ताल ठोंकी है। एमसीडी के 250 वार्डों में से मात्र 16 वार्डों में महिला उम्मीदवार नहीं है, जबकि उनके लिए 125 वार्ड आरक्षित है। इस तरह महिलाओं ने सामान्य वर्ग के 109 वार्डों में भी नामांकन पत्र जमा कराए है। इतना ही नहीं, सामान्य वर्ग के दो वार्डों में पुरुषों की तुलना में महिला उम्मीदवार अधिक है। इसके अलावा छह वार्डों में पुरुष व महिला उम्मीदवारों की संख्या बराबर है।
एमसीडी चुनाव में इस बार निर्दलीय उम्मीदवारों ने अधिक रुचि नहीं ली। इस कारण गत दो चुनावों की तुलना में इस बार उम्मीदवारों की संख्या काफी कम है। इस बार उम्मीदवारों की संख्या बीते चुनाव की तुलना में करीब एक हजार कम रहने की संभावना है। औसतन हर वार्ड से दो निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं।
एमसीडी चुनाव के लिए भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस व अन्य दलों व निर्दलीय समेत 2021 उम्मीदवारों ने 2585 नामांकन पत्र दाखिल किए है। खास बात यह है कि इन उम्मीदवारों में करीब 500 उम्मीदवार राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के विकल्प उम्मीदवार है। इसके अलावा अनेक उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र के एक से अधिक सेट जमा कराए हैं। लिहाजा नामांकन पत्रों की जांच के दौरान विकल्प उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वयं ही रद्द हो जाएगे। इसके अलावा कुछ उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वापस लेने की संभावना है। इस कारण मैदान में करीब डेढ़ हजार उम्मीदवार मैदान में रहेंगे। वर्ष 2017 में 2537 उम्मीदवारों ने तीनों नगर निगम का चुनाव लड़ा था, जबकि वर्ष 2012 में तीनों नगर निगम चुनाव में 2609 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई थी।
वार्ड 22 और उम्मीदवार करीब एक हजार कम
तीनों नगर निगम का विलय करके गठित की गई एमसीडी में वार्डों की संख्या 272 से कम करके 250 की गई। इस तरह मात्र 22 वार्ड कम हुए ह, वहीं उम्मीदवारों की संख्या करीब एक हजार कम होने के आसार है। लिहाजा इस बार एमसीडी चुनाव लड़ने में निर्दलीय उम्मीदवारों नेेे बहुत कम रूचि ली है, क्योंकि भाजपा, आप व कांग्रेस ने सभी 250 वार्डों में उम्मीदवारों को टिकट दिया है। इसके अलावा बसपा ने करीब दो सौ, एनसीपी ने सौ, जनता दल (यू), आरएलडी ने भी कई वार्डों में उम्मीदवार मैदान में उतारे है। इस तरह करीब एक हजार उम्मीदवार राजनीतिक दलों से संबंधित है, जबकि करीब 500 उम्मीदवार निर्दलीय है और प्रत्येक वार्ड में औसतन दो निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है।