छह अक्तूबर के अपने आदेश का अब तक पालन नहीं होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन को मृतकों के परिजनों को भुगतान करने के लिए कहा गया था क्योंकि परिवार की रोजी-रोटी का जिम्मा उनके ही सर पर था।
इस साल सीवर टैंक में उतरने के बाद मरने वाले दो सफाईकर्मियों के परिजनों को मुआवजा नहीं मिलने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि मेरा सिर शर्म से झुक गया है।
विज्ञापन
छह अक्तूबर के अपने आदेश का अब तक पालन नहीं होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि प्रशासन को मृतकों के परिजनों को भुगतान करने के लिए कहा गया था क्योंकि परिवार की रोजी-रोटी का जिम्मा उनके ही सर पर था। कोर्ट ने प्रशासन को प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। डीडीए के वाइस चेयरमैन मनीष गुप्ता सुनवाई के दौरान मौजूद थे।
आउटर दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में नौ सितंबर को एक सफाईकर्मी और एक सुरक्षाकर्मी की एक सीवर में घुसकर सफाई करने के लिए घुसने के बाद जहरीली गैस से दम घुटने से मौत हो गई थी।