सबसे पहले 12 साल की उम्र में किया दुष्कर्म
महिला ने याचिका में कहा कि 12 साल की उम्र में उसके साथ उसके पिता ने पहली बार दुष्कर्म किया किया था। बाद में उसे छोड़ दिया गया क्योंकि उस पर अपने पक्ष में बयान देने के लिए 'दबाव' दिया गया था, जिसके बाद उसने उसके साथ फिर से दुष्कर्म किया। अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
महिला ने कहा 27 सितंबर 2021 को जब आरोपी पैरोल पर बाहर आया तो उसके साथ आरोपी ने कई बार छेड़छाड़ करने की कोशिश की। इतना ही नहीं उसकी मां के आपत्ति जताने पर उसे भी पीटा गया। हाउसकीपर के रूप में काम करने वाली शिकायतकर्ता ने कहा कि जेल में रहने से उसके पिता की मानसिकता नहीं बदली।
युवती बोली- इंसान के शरीर में जानवर से भी बदतर है बाप
शिकायतकर्ता ने अपने पिता को आदतन अपराधी बताते हुए कहा वह इंसान के शरीर में एक जानवर से भी बदतर है। उसने कहा कैद भी दोषी की मानसिकता को नहीं बदल सकती क्योंकि आरोपी शिकायतकर्ता से छेड़छाड़ करता है और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करता है।
शिकायतकर्ता की मां ने 22 दिसंबर 21 को जब उसे आरोपी की गलत मंशा से बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने रस्सी पकड़कर मां का गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश की।
उसने कहा कि महरौली पुलिस स्टेशन के एसएचओ, पुलिस उपायुक्त, पुलिस आयुक्त, राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोग को शिकायत करने पर कोई कारवाई नहीं की गई। आखिर उसने अधिवक्ता अमित साहनी के माध्यम से यह याचिका दायर की है।
पुलिस बोली- इसका पुलिस भी कुछ नहीं कर सकती
महिला ने आगे कहा कि उसने 22 दिसंबर को पुलिस को फोन किया और पुलिस अधिकारी को लिखित शिकायत देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया और किसी भी तरह से उनकी मदद नहीं की। तब से आरोपी फरार है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जो इंसान 10 साल की सजा काट कर भी नहीं सुधरा उसका पुलिस कुछ नहीं कर सकती और यह भी कहा कि 'जाओ यहां से अपना मेडिकल भी खुद करा लो।'
याची ने अदालत से पुलिस को मामले की जांच करने व उसके आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।