फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: कोविड की बूस्टर डोज लगाने के नाम पर करते थे व्हाट्सएप हैक फिर मांगते थे रुपये, आगरा से तीन गिरफ्तार

Mon, 31 Jan 2022 08:54 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पलवल निवासी गैंग सरगना मनीष कुमार, उसके साथी आगरा के नवीनकुंज, अर्जुन नगर निवासी रोहित सिंह और ताजगंज, आगरा निवासी कौशलेंद्र सिंह तोमर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड के अलावा आठ बैंक अकाउंट का पता किया है।
विज्ञापन
साइबर क्राइम - फोटो : self
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोविड की बूस्टर डोज लगवाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक गैंग का स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन (आईएफएसओ) यूनिट ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पलवल, हरियाणा निवासी गैंग सरगना मनीष कुमार (37), व इसके साथी नवीनकुंज, अर्जुन नगर, आगरा निवासी रोहित सिंह (35) और ताजगंज, आगरा निवासी कौशलेंद्र सिंह तोमर (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड के अलावा आठ बैंक अकाउंट का पता किया है। आरोपी पीड़ितों के व्हाट्सएप को हैक करने के बाद उनकी संपर्क सूची के लोगों को मैसेज भेजकर इमरजेंसी हो जाने की बात कर रुपये मांगते थे। चूंकि रुपये पीड़ित के ही व्हाट्सएप नंबर से मांगे जाते थे तो ऐसे में जानकार लोग तुरंत बताए गए खातों में रुपये ट्रांसफर कर दिया करते थे। शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि आरोपियों ने देशभर के सैकड़ों लोगों से ठगी की है। फिलहाल 24 शिकायतकर्ताओं का पता चला है।

विज्ञापन

ऐसे करते थे ठगी

आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि पिछले दिनों करोल बाग निवासी एक शख्स ने ठगी की शिकायत उनकी यूनिट से की थी। पीड़ित ने बताया कि पिछले दिनों उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को डॉक्टर बताकर पीड़ित से कोविड वैक्सीन के बारे में पूछताछ की। पीड़ित ने दोनों डोज लगने की बात की तो आरोपी ने बताया कि बूस्टर डोज के लिए उनका नंबर आ गया है। आपके नंबर पर एक अन्य नंबर से कॉल आएगा। उस कॉल को कांफ्रेंस कॉल में लेकर एक नंबर को बताना होगा। इसके बाद आपके नजदीकी सेंटर पर बूस्टर डोज लगाने की तारीख दे दी जाएगी।

पीड़ित आरोपियों के झांसे में आ गया। कॉल के दौरान ही दूसरे नंबर से कॉल आई, जिसके बाद उसे कांफ्रेंस पर लेकर गूगल से आए कोड को पीड़ित ने आरोपियों से सांझा कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसके व्हाट्सएप को हैक कर लिया। पीड़ित के दोस्तों, रिश्तेदारों व अन्य लोगों को उसके ही व्हाट्सएप से मैसेज कर मेडिकल इमरजेंसी बताकर रुपयों की मांग की गई। खुद पीड़ित के भाई ने बताए गए नंबर में 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की तो इसी तरह की 20 और शिकायतों का पता चला।

टीम बनाकर बिछाया जाल

फौरन एसीपी रमन लांबा, इंस्पेक्टर मनोज कुमार व एसआई अजीत व अन्यों की टीम ने मामले की जांच शुरू की। टेक्निकल सविलांस के अलावा जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए उनकी जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि कॉलर आगरा में मौजूद है। पुलिस ने उसकी पहचान मनीष कुमार के रूप में की। एक टीम को फौरन आगरा भेजा दिया गया। वहां से पहले मनीष कुमार को दबोचा गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके दो और साथी रोहित व कौशलेंद्र सिंह तोमर को दबोच लिया। इनके पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिए गए जिनको वारदात में इस्तेमाल किया गया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी की वारदात को कबूल कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

यू-ट्यूब से सीखकर देते थे वारदात को अंजाम

गैंग सरगना मनीष कुमार ने बताया कि करीब एक साल पूर्व उसने यू-ट्यूब से व्हाट्सएप को हैक करना सीखा था। इसके बाद उसने लोगों के साथ ठगी शुरू की। वह अलग समय में अलग-अलग तरह से ठगी करता था। फिलहाल कोविड के नाम पर आसानी से लोगों को ठगा जा सकता था। वह लोगों को बूस्टर डोज दिलाने के नाम पर उनके साथ ठगी करता था। कॉल करने के दौरान आरोपी दूसरे नंबर को कांफ्रेंस कॉल में ले लेते थे। इसके बाद गूगल पर व्हाट्सएप नंबर बदलने के लिए कोड मांगा जाता था। कांफ्रेंस कॉल में कोड आसानी से पता चल जाता था। व्हाट्सएप हैक होते ही आरोपी उनके दोस्तों, रिश्तेदारों व मिलने वालों को परेशानी होने की बात कर मैसेज करते थे। इमरजेंसी में तुरंत रुपये मांगे जाते थे, जिनको कुछ समय बाद वापस करने के लिए कहा जाता था। पीड़ित के जानकार दिए गए बैंक खातों में रुपये डाल दिया करते थे। पीड़ितों को जब तक पता चलता था तब तक वह ठगी का शिकार हो जाते थे।

कौन हैं पकड़े गए आरोपी...

पुलिस की जांच के दौरान पता चला है कि कौशलेंद्र बीकॉम करने के बाद आगरा से ही एमबीए कर रहा है। वहीं रोहित सिंह ने बीए किए हुआ है। गैंग सरगना मनीष कुमार महज 12वीं कक्षा पास है। जल्द रुपये कमाने के लिए मनीष ने ठगी का धंधा शुरू किया था। उसने रोहित व कौशलेंद्र को अपने साथ मिला लिया। पुलिस तीनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें