एक्सरे के बाद अब दिल्ली एम्स में अल्ट्रासाउंड के लिए भी वॉकइन की सुविधा मिलेगी। अगले कुछ दिन में यह सेवा शुरू होने जा रही है। इसके तहत बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और गंभीर मरीजों को सबसे पहले लाभ दिया जाएगा। इसके बाद यह सेवा सभी तरह के रोगियों के लिए शुरू कर दी जाएगी।
अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए अभी मरीज को करीब एक सप्ताह का इंतजार करना पड़ता है। इसके एक-दो दिन रिपोर्ट आने में समय लगता है। इसकी वजह से उपचार में काफी देरी होती है। वॉकइन सुविधा शुरू होने के बाद इन्हें एक ही दिन में अल्ट्रासाउंड जांच और उसकी रिपोर्ट मिलने की व्यवस्था होगी।
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के रेडियो डायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. दीप नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ दिन में अल्ट्रासाउंड जांच को लेकर वॉकइन सेवा शुरू कर दी जाएगी। शुरुआती दिनों में इसे अति आवश्यक मरीजों के लिए रखा जाएगा। धीरे-धीरे सभी तरह के रोगी इसका लाभ ले सकेंगे।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि दो शिफ्ट में काम करते हुए फिलहाल वेटिंग को शून्य लाने का प्रयास किया जा रहा है। एक-एक दिन में एम्स में 200 से अधिक अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। जांच एक ही दिन में संभव हो पाएगी और उसकी रिपोर्ट भी अगले 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिसे मोबाइल फोन से भी डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद मरीज को जांच कराने के लिए अस्पताल दोबारा आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने देखा था वेटिंग का पर्चा
कुछ माह पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया एम्स में दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने उन्हें स्मार्ट लैब के बारे में बताया, जहां एक दिन में 50 हजार सैंपल से अधिक जांचने की क्षमता है। यह देख स्वास्थ्य मंत्री प्रसन्न हुए, लेकिन जब वे बाहर आए तो उन्होंने दीवार पर लगा एक पर्चा देखा, जिस पर लिखा था कि रिपोर्ट तीन दिन बाद मिलेगी। इसको लेकर जब स्वास्थ्य मंत्री ने सवाल खड़े किए तब जाकर रविवार के दिन ओपीडी शुरू होने और जांच एक ही दिन में होने के बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू हुआ था।
एमआरआई जांच में भी लग रहा है समय
एम्स में अभी एमआरआई जांच के लिए भी काफी लंबी वेटिंग दी जा रही है। आपातकालीन वार्ड से जुड़े मरीजों को छोड़कर अन्य के लिए महीनों लंबी वेटिंग मिल रही है। ऐसे में एम्स प्रबंधन को एमआरआई जांच को लेकर समस्या का समाधान करने में समय भी लग रहा है। एम्स के एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की तरह एमआरआई जांच की वेटिंग भी कम होनी चाहिए, लेकिन इनकी मंत्रालय से निगरानी की बहुत आवश्यकता है, ताकि अधिकारी इन्हें जल्द से जल्द अमल में ला सकें।